HC ने हाउसिंग बोर्ड की गांव पाला खेड़ी योजना को निरस्त किया


इंदौर: हाईकोर्ट ने हाउसिंग बोर्ड की गांव पाला खेड़ी में योजना के निरस्त करने के आदेश दिया है. इसके साथ ही 13 साल से जमीन के लिए लड़ रहे किसानों की जमीन मुक्त हो गई. बताया जाता है कि करीब 375 एकड़ जमीन हाउसिंग बोर्ड ने योजना के लिए रोक रखी थी. वर्तमान में उक्त जमीन के कीमत 2 हजार करोड़ रुपए अनुमानित है.
आज हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक रूसिया ने एक महत्वपूर्ण मामले में हाउसिंग बोर्ड की गांव पालाखेड़ी में योजना निरस्त करने का आदेश दे दिया है. उक्त मामले 42 याचिकाएं किसानों ने लगा रखी थी और 102 किसानों की जमीन योजना में शामिल थी. आज उक्त मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक रूसिया ने पीड़ित किसानों के अधिवक्ता योगेश मित्तल और अन्य के तर्कों से सहमत होकर योजना निरस्त करने का फैसला सुना दिया.

ध्यान रहे कि हाउसिंग बोर्ड ने 2012-13 में गांव पालाखेड़ी में 375 एकड़ जमीन पर योजना लागू कर दी थी. उक्त योजना केके अधिकारियों ने बिना बोर्ड में प्रस्ताव मंजूर किए लागू कर दिया था. आग ही योजना का नोटिफिकेशन किए बगैर ही अधिग्रहण जमीन करने केके कारवाई कर दी थी. मतलब यह है कि हाउसिंग बोर्ड ने तय नियमों के तहत योजना लागू नहीं की थी. किसानों की ओर से अधिवक्ता योगेश मित्तल और अन्य अधिवक्ताओं ने प्रकरण में पैरवी की. प्रकरण में 102 किसानों की 375 एकड़ जमीन फंसी हुई थी, जो आज योजना निरस्त होने के साथ मुक्त हो गई.

योजना का विस्तृत विवरण
– गांव-पालाखेड़ी
– 375 एकड़ जमीन योजना में शामिल
– 102 किसानों की जमीन
– 42 याचिकाएं लगी थी हाईकोर्ट में
– करीब 02 हजार करोड़ रुपए कीमत जमीन की
– 13 वर्षो से चल रहा था प्रकरण

निम्न आधार पर की गई योजना निरस्त

– धारा 4 और 6 में योजना का नोटिफिकेशन नहीं किया.
– धारा 5 में कलेक्टर की जगह डिप्टी कलेक्टर ने की किसानों की सुनवाई
– हाउसिंग बोर्ड के संचालक मंडल से मंजूरी नहीं ली और अधिकारियों ने सीधे योजना लागू कर दी.
– जमीन मालिकों का मुआवजा पारित करने की कारवाई नहीं.
– योजना तय किए बिना ही अधिग्रहण की कारवाई कर दी, तय नियम अनुसार योजना घोषित नहीं की.

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