दंतेवाड़ा, 31 मार्च (वार्ता) छत्तीसगढ़ में लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी सुरक्षा बलों ने माओवादी संगठन को करारा झटका दिया जब दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमा पर हुई मुठभेड़ में 25 लाख की इनामी महिला माओवादी रेणुका उर्फ बानु ढेर कर दी गयी।
जवानों ने महिला नक्सली के शव के साथ इंसास राइफल और भारी मात्रा में गोला बारूद भी बरामद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा और बीजापुर में सुरक्षाबलों के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। मुठभेड़ अभी भी जारी है और जवानों के वापस आने के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि, जवानों को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है।
इस बीच छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि आज दंतेवाड़ा मुठभेड़ में 25 लाख की इनामी महिला माओवादी रेणुका उर्फ बानु मारी गई। उन्होंने कहा,“भटके हुए लोगों से पुनः अपील है कि नक्सलवाद के काले अंधकार को छोड़ें और लोकतंत्र के प्रकाश से उज्ज्वल समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। विष्णुदेव सरकार आपका स्वागत करती है!”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर व दंतेवाड़ा जिलों में रविवार को 65 माओवादियों ने सुरक्षाकर्मियों के सामने आत्मसमर्पण कर नक्सली संगठन को करारा झटका दिया। दंतेवाड़ा जिले में जारी ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आइए) अभियान से प्रभावित होकर 15 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में सिक्का उर्फ भीमा मंडावी प्रतिबंधित माओवादी संगठन के पोटाली आरपीसी के तहत जनताना सरकार का प्रमुख था।
सरेंडर करने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि ‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत अब तक 221 इनामी सहित कुल 927 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
वहीं बीजापुर जिले में 68 लाख के इनामधारी 50 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण कर माओवादी संगठन को करारा झटका दिया है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर करने से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। प्रशासन ने इसे नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में शनिवार का दिन भी पुलिस व सुरक्षा बलों के नाम रहा। सुरक्षा बलों के जवानों ने अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ में 11 महिलाओं समेत 18 नक्सलियों को ढेर कर दिया जबकि 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।