100 करोड़ से अधिक के अल्ट्रा लक्जरी होम मार्केट में उछाल

नयी दिल्ली, 29 मार्च (वार्ता) देश के प्रमुख महानगरीय केंद्रों मुंबई और दिल्ली एनसीआर में पिछले तीन सालों में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक कीमत वाले 49 अल्ट्रा लग्जरी घर बेचे गए हैं, जो देश के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में मजबूत मांग का प्रतीक है।
प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी कंपनी जेएलएल ने शनिवार को यहां जारी एक रिपोर्ट में कहा कि घर खरीदने वालों के कुलीन वर्ग ने सामूहिक रूप से इन आलीशान घरों में 7,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिनमें से आधे लेन-देन – कुल 3,652 करोड़ रुपये – अकेले 2024 में हुए हैं।
इसने कहा, “ गति धीमी होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि 2025 के पहले दो महीनों में पहले ही चार अल्ट्रा-लक्जरी घरों की बिक्री हो चुकी है, जिनका कुल मूल्य 850 करोड़ रुपये है।”
जेएलएल के मुख्य अर्थशास्त्री एवं अनुसंधान और आरईआईएस, भारत के प्रमुख सामंतक दास ने कहा कि पिछली धारणाओं के विपरीत बंगले और विला जैसे स्वतंत्र घर अब ट्रॉफी आवासीय निवास के पर्याय नहीं रह गए हैं। इस तरह के ऊंचे अपार्टमेंट इस विशिष्ट क्षेत्र में एक विशेष आवासीय अनुभव प्रदान करते हैं।
उन्हाेंने कहा “ हमारे विश्लेषण के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में पूर्ण हुए कुल सौदों में 100 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले अपार्टमेंट की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत थी; बंगलों की हिस्सेदारी शेष 35 प्रतिशत थी। इनमें से अधिकांश अल्ट्रा लग्जरी घरों की कीमत 100-200 करोड़ रुपये के बीच थी। हालांकि, कुछ संपत्तियों का लेन-देन इस मूल्य सीमा से ऊपर भी हुआ और उनकी कीमत 200-500 करोड़ रुपये के बीच भी थी।”
सौ करोड़ रुपये और उससे अधिक की श्रेणी के घर खरीदारों में बड़े व्यावसायिक समूह, अभिनेता और नए स्टार्टअप के संस्थापक शामिल हैं। पिछले 3 वर्षों के दौरान बेचे गए इन 49 घरों में से मुंबई में 69 प्रतिशत हिस्सा था, उसके बाद दिल्ली एनसीआर का स्थान था। मुंबई में, मालाबार हिल और वर्ली ने इन लेन-देन का बड़ा हिस्सा अपने नाम किया। दिल्ली एनसीआर में, ऐसे सौदे केवल लुटियंस बंगला ज़ोन (एलबीजेड) तक सीमित नहीं थे। गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर कई हाई-राइज़ अपार्टमेंट सौदे भी हुये हैं।

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