जम्मू (वार्ता) जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सरकार की औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए कई हस्तक्षेप और नीतियां लागू की जा रही हैं तथा औद्योगिक विकास वर्तमान प्रशासन की प्राथमिकताओं में से एक है।
श्री चौधरी ने आज यहां यहां केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय के एमएसएमई विकास आयुक्त कार्यालय के सहयोग से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा जम्मू में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), व्यापार और व्यवसाय संवर्धन पर दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया।
पीएचडीसीसीआई की निदेशक कंचन जुत्शी द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आईपीआर, व्यापार और व्यवसाय संवर्धन के लिए जागरुकता बढ़ाना और रणनीतियों को बढ़ावा देना था।
एप्पल, केएफसी और मैकडॉनल्ड्स जैसे उदाहरणों के साथ बौद्धिक संपदा अधिकारों के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत आईपी रणनीतियां दुनिया भर में सफलता दिलाती हैं। उन्होंने ब्रांड पंजीकरण में उनके प्रयासों के लिए लैवेंडर किसानों और बासमती चावल उत्पादकों सहित स्थानीय उद्यमियों की सराहना की। औद्योगिक विकास और रोजगार के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में औद्योगिक क्षेत्र की क्षमता से अच्छी तरह वाकिफ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनका प्रशासन स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता देने और स्वदेशी व्यवसायों के लिए समर्थन बढ़ाने के लिए नीतियां लागू करेगा।
