कोयला आयात में अप्रैल- दिसंबर 2024 के दौरान 8.38 प्रतिशत की गिरावट

नयी दिल्ली, 26 मार्च (वार्ता) देश में कोयले का आयात चालू वित्त वर्ष 2024-25 में अप्रैल-दिसंबर के नौ माह के दौरान एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में मात्रा के आधार पर 8.38 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 18.10 प्रतिशत कम रहा।

यह जानकारी कोयला एवं खान राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर 2024 की अवधि में कुल करीब 1.91 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 18.34 करोड़ टन कोकिंग और नान कोकिंग कोयले का आयात किया गया था। 2023-24 की इसी अवधि में करीब 2.34 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 20 करोड़ टन कोयले का आयात किया गया था। वित्त वर्ष 2023-24 की पूरी अवधि में कुल 3.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का 26.45 करोड़ कोयला आयात किया गया था।

उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने के लिए कोयले के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर है। देश ने वर्ष 2023-24 में सालाना आधार पर लगभग 11.71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 99.78 करोड़ टन से अधिक कोयला उत्पादन किया जो अब तक का उच्चतम वार्षिक उत्पादन है। वर्ष 2022-2023 में कोयला उत्पादन 89.32 करोड़ टन था।

चालू वर्ष में फरवरी 2024 तक देश में कोयले का उत्पादन एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 5.45 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ पिछले वर्ष 2023-24 की इसी अवधि में 881.16 मीट्रिक टन की तुलना में 92.92 करोड़ टन (अनंतिम) रहा। पिछले वित्त वर्ष इसी दौरान उत्पादन 88.12 करोड़ टन था।

कोयला एवं खान राज्य मंत्री ने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने के लिए देश में घरेलू कोयले का पर्याप्त स्रोत उपब्ध है तथा देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोयले का योगदान 55 प्रतिशत है।

उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अप्रैल 2024 में देश में कोयला और लिग्नाइट प्रखंडों/ खानों में क्रमशः 389.42 अरब टन और 47.29 अरब टन के अनुमानित भंडार थे। उन्होंने बताया कि देश में मौजूदा कोयला भंडार का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा रहा है। इनकी निकासी और प्रसंस्करण दक्षता बढ़ाने के लिए, कोयला कंपनियों ने उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए हाथ के काम की जरूरत कम करने के साथ बड़े पैमाने पर नयी तकनीकों का समावेश करना शुरू किया है।भूमिगत खदानों और खुली खदानों में कोयला काटन के लिए खनिकों को लगाने के साथ कोयले की परतों के ऊपर पड़ी मिट्टी और चट्टानी परतों को हटाने के लिए मिट्टी हटाने वाली भारी मशीनें लगायी जाती हैं।

Next Post

निर्भया कोष बंद नहीं है: मंत्री

Wed Mar 26 , 2025
नयी दिल्ली, 26 मार्च (वार्ता) केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि निर्भया कोष को बंद नहीं किया गया है और इसी के तहत अभी 49 योजनाएं चल रही है। केन्द्रीय मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में […]

You May Like