भोपाल, 06 जून (वार्ता) मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में भर्तियों के नाम पर लगभग 40 घोटाले होने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि प्रदेश में सरकारी संरक्षण में भर्ती के नाम पर संगठित अपराध हो रहा है।
श्री पटवारी ने यहां संवाददाताओं से चर्चा के दौरान सरकार पर 42 अलग-अलग घोटाले करने का आरोप लगाया और इसकी एक पूरी सूची होने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकारी संरक्षण में भर्ती के नाम पर संगठित अपराध हो रहा है। व्यापमं घोटाले के बाद अब पुलिस भर्ती घोटाला हुआ है। उन्होंने विभिन्न कथित घोटालों का संदर्भ देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 42 बार भर्ती घोटाले किए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापमं घोटाले में एक भी आरोपी को सजा नहीं मिली। सब बरी हो गए। ये किस तरह का न्याय है।
उन्होंने पिछले दिनों सामने आए कथित पुलिस कांस्टेबल भर्ती घोटाले का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें सॉल्वर गैंग के माध्यम से फर्जी उम्मीदवारों को बैठाया गया। अब तक 16 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अब 50 हजार कर्मचारी ‘गुम’ हो गए हैं। लगभग 250 करोड़ रुपए का उनका वेतन निकाला नहीं गया है। सरकार ने इसके लिए जांच समिति बना कर कर्मचारियों को तलाशने को कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रदेश में चार लाख 50 हजार कर्मचारी हैं, उनमें से 50 हजार को तलाशना पड़े, तो ये कितनी बड़ी आर्थिक और प्रशासनिक अराजकता है।
श्री पटवारी ने कहा कि सवाल ये उठता है कि अब अगर ये वेतन निकाला नहीं गया तो इसके पहले 25 साल से ये ढाई सौ करोड़ रुपए कहां जा रहे थे। इस हिसाब से देखें तो पिछले 25 साल के ये 12 हजार 500 करोड़ रुपए कहां गए। सरकार कर्ज लगातार ले रही है, पर इस रकम का कोई हिसाब नहीं है।
