
नर्मदापुरम। जिला जल उपयोगिता समिति में बायीं तट नहर में 27 मार्च से एवं दायीं तट नहर में 8 अप्रैल से पानी छोड़े जानें के निर्णय का भारतीय किसान संघ विरोध कर रहा है । संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक 25 मार्च को होनें वाली है जिसमें पानी छोड़नें के बारे में अंतिम रूप से निर्णय किया जाएगा। भाकिसं ने कहा कि सिंचाई विभाग को जमीनीं हकीकत नहीं पता है, अगर नरवाई में आग लगती है और नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार सिंचाई विभाग को माना जाएगा ।
इस बीच किसान संघ के जिला सहमंत्री रजत दुबे ने कहा कि 27 मार्च से मुख्य नहर में पानी छोड़ा जाएगा तो किसान जल्दबाजी में मूंग की बोबनी करनें की तैयारी करेंगे । अनेक जगह नरवाई में आग लगेगी जिससे जानमाल का नुकसान होनें की संभावना होती है । बायीं तट मुख्य नहर में तारीख संशोधन करके 1 अप्रैल की जाए अन्यथा भारतीय किसान संघ आंदोलन करेगा ।
दायीं तट नहर में 3 अप्रैल से पानी दिया जाए।
भारतीय किसान संघ के संभागीय प्रचार प्रसार प्रमुख उदय कुमार पाण्डेय नें बताया कि दायीं तट नहर में 8 अप्रैल से पानी छोड़नें का निर्णय लिया गया है जोकि अनुचित है बायीं तट एवं दायीं तट नहर से पानी छोड़े जानें की तिथि में 1-2 दिन का अंतर होना चाहिए । क्यूंकि दायीं तट नहर में पानी का फ्लो कम हो जाता है जिससे किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता । इसलिए दायीं तट नहर में 3 अप्रैल से नहर में पानी छोडा जाना चाहिए ।
