नई दिल्ली, (वार्ता) देश की प्रमुख वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (एसएफएल) ने विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय विकास वित्तीय संस्थानों से 30.6 करोड़ डॉलर से अधिक का फंड जुटाने की आज घोषणा की।
कंपनी ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि यह फंडिंग श्रीराम फाइनेंस के सामाजिक वित्त ढांचे के तहत प्राप्त हुई है और इसमें एशियाई विकास बैंक (एडीबी), जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) और एक्ज़िम बैंक ऑफ इंडिया (एग्जिम) जैसी प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थाओं ने भागीदारी की है।
भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान है, जो 30 प्रतिशत जीडीपी और 45 प्रतिशत निर्यात में योगदान देता है। इस फंडिंग का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को बढ़ावा देना है, जिसमें व्यावसायिक ऋण, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) वित्तपोषण, कम उत्सर्जन वाले वाणिज्यिक वाहन, महिला उद्यमियों के लिए वित्तपोषण और एमएसएमई निर्यात क्षेत्र को समर्थन जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
यह लेनदेन श्रीराम फाइनेंस के लिए एक और महत्वपूर्ण ऑफशोर धन उगाही की उपलब्धि है। इससे पहले फरवरी 2025 में कंपनी ने 50 करोड़ डॉलर की एसएसीई पुश सुविधा प्राप्त की थी जबकि दिसंबर 2024 में 1.2 अरब डॉलर की सिंडिकेटेड सुविधा जुटाई थी। अब वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 2.8 अरब डॉलर की ऑफशोर फंडिंग जुटाकर श्रीराम फाइनेंस ने संरचित और सतत वित्तपोषण में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया है।
श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष उमेश रेवणकर ने इस उपलब्धि पर कहा, “यह लेन-देन वित्तीय समावेशन और सतत विकास को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। एडीबी, जेआईसीए और एग्जिम जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थाओं के साथ साझेदारी के माध्यम से श्रीराम फाइनेंस एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने, हरित वित्तपोषण को बढ़ावा देने और आर्थिक प्रगति को गति देने की दिशा में कार्य कर रहा है।
एडीबी के कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने कहा, “यह परियोजना भारत में वित्तीय समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एडीबी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। श्रीराम फाइनेंस के साथ मिलकर एमएसएमई क्षेत्र विशेष रूप से महिला उद्यमियों को सशक्त किया जाएगा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार को समर्थन मिलेगा।”
