वाशिंगटन 15 मार्च (वार्ता) अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों का हिस्सा रही एक भारतीय छात्रा का ट्रम्प प्रशासन ने ‘हिंसा और आतंकवाद की वकालत’ करने के लिए वीजा रद्द कर दिया।
होमलैंड सुरक्षा विभाग ने कहा कि छात्रा 11 मार्च को स्वदेश लौट गई।
कोलंबिया विश्वविद्यालय में शहरी नियोजन में डॉक्टरेट की भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन एफ-1 छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रही थी। छात्रा श्रीनिवासन हमास आतंकवादी संगठन का समर्थन करने वाली गतिविधियों में लिप्त थी। इसी के मद्देनजर इस साल पांच मार्च को विदेश विभाग ने उसका वीजा रद्द कर दिया।
होमलैंड सुरक्षा विभाग ने कहा उसने 11 मार्च को स्व-निर्वासन के लिए सीबीपी होम ऐप का उपयोग करने का छात्रा का वीडियो फुटेज प्राप्त किया है।
होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने घोषणा की कि कोलंबिया की एक छात्रा जिसका छात्र वीजा हिंसा और आतंकवाद की वकालत करने के कारण रद्द कर दिया गया था, उसने सीबीपी होम ऐप का उपयोग करके अमेरिका छोड़ दिया है।
वेस्ट बैंक की एक अन्य छात्रा लेका कोर्डिया को आईसीई एचएसआई नेवार्क के अधिकारियों ने उसके समाप्त हो चुके एफ-1 छात्र वीजा की अवधि से अधिक समय तक रहने के कारण गिरफ्तार किया। जो फिलिस्तीनी की रहने वाली है। इससे पहले 26 जनवरी, 2022 को उसकी उपस्थिति कम होने के कारण उसका वीजा समाप्त हो गया था। छात्र कोर्डिया को अप्रैल 2024 में न्यूयॉर्क शहर में कोलंबिया विश्वविद्यालय में हमास समर्थक विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया गया था।
सचिव नोएम ने कहा, “अमेरिका में रहने और अध्ययन करने के लिए वीजा प्राप्त करना एक विशेषाधिकार है। जब आप हिंसा और आतंकवाद की वकालत करते हैं तो उस विशेषाधिकार को रद्द कर दिया जाना चाहिए, और आपको इस देश में नहीं रहना चाहिए। मुझे कोलंबिया विश्वविद्यालय के आतंकवाद समर्थकों में से एक को स्वदेश वापसी के लिए सीबीपी होम ऐप का उपयोग करने पर खुशी हुई।”
