चेन्नई, 15 मार्च (वार्ता) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सफलता के एक और ऐतिहासिक कदम के तहत एलवीएम3 प्रक्षेपण यान (एलवीएम-एम6) के छठे परिचालन मिशन के लिए पहचाने गए क्रायोजेनिक इंजन का उड़ान के लिए स्वीकृत हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक आयोजित किया है।
गौरतलब है कि स्वीकृत हॉट टेस्ट एक वह सत्यापन प्रक्रिया है जो यह सुनिश्चित करती है कि उड़ान से पहले विमान सुरक्षित और उड़ान योग्य स्थिति में है।
एलवीएम3-एम6 मिशन के लिए सीई20 क्रायोजेनिक इंजन के उड़ान के लिए स्वीकृत हॉट टेस्ट शुक्रवार को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (आईपीआरसी) में आयोजित किया गया। हर मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन उड़ान स्वीकृति के हिस्से के रूप में हॉट टेस्टिंग से गुजरते हैं।
एलवीएम3 के क्रायोजेनिक अपर स्टेज में उपयोग किए जाने वाले स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन (सीई20) के लिए हॉट टेस्ट अब तक आईपीआरसी में हाई-एल्टीट्यूड टेस्ट (एचएटी) सुविधा में किए गए थे। जहां हवा रहित (वैक्यूम) स्थितियों को जटिल प्रतिष्ठानों के साथ उपयोग किया जाता है, जिससे अधिकतम हॉट टेस्ट अवधि 25 सेकंड तक सीमित रहती है।
इसरो ने कहा कि वर्तमान परीक्षण में इंजन का परीक्षण पहली बार 100 सेकंड की लंबी अवधि के लिए किया गया था, जिसमें गैर-वैक्यूम स्थितियों के तहत एक अभिनव नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम का उपयोग किया गया था। यह परीक्षण विधि क्रायोजेनिक इंजन की उड़ान स्वीकृति परीक्षण के लिए आवश्यक सेटअप समय और प्रयास को काफी कम कर देती है, जो अंतरिक्ष मिशनों के लिए क्रायोजेनिक चरणों की तेजी से पहुंच बनाने में सहायक होती है।
सीई20 इंजन के प्रदर्शन ने सभी परीक्षण उद्देश्यों को पूरा किया और परीक्षण की पूरी अवधि के दौरान तय मानकों के पूर्वानुमानों से काफी मिलते जुलते हैं। इसके अलावा, इस इंजन को एवीएम-एम6 मिशन के लिए लॉन्च वाहन के क्रायोजेनिक अपर स्टेज में एकीकृत किया जाएगा, जो इस वर्ष (2025) की दूसरी छमाही के दौरान निर्धारित की गयी है।
