बड़े ऐलानों का ‘ ज्ञान ’आधारित बजट 

विशेषज्ञ टिप्पणी

 

डॉ ज्योति शर्मा

अर्थशास्त्री

प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए प्रस्तुत यह बजट विकास के विज़न का बजट है। विकसित मध्य प्रदेश को गति देने वाला बजट है। कहा जा सकता है कि 2045 के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने का दृष्टिकोण लिए हुए बजट है। बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है और ना ही विद्यमान करों की दरों में भी कोई वृद्धि की गई है। कल प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण से इस बजट की सीमाएं लगभग निश्चित हो गई थी कि यह बजट ज्ञान आधारित बजट होगा। GYAN अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर आधारित बजट होगा। लेकिन वास्तव में यह बजट ज्ञान आधारित बजट इस मायने में भी है कि इसमें शिक्षा के क्षेत्र के प्रावधान सबसे अधिक है। प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूलों की संख्या में वृद्धि, सी एम राइस विद्यालय, छात्रावास की सुविधा में वृद्धि, रिसर्च सेंटर निर्माण, शिक्षकों की भर्तियों में वृद्धि, आई टी आई प्रशिक्षण संस्थानों की संख्या में वृद्धि, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं पर बजट में वृद्धि इस बजट को ज्ञान आधारित बजट बनाते हैं। शिक्षा से ही प्रदेश की नींव को मजबूत किया जा सकता है। रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। शिक्षा से ही समाज का निर्माण और उसकी प्रगति संभव है। इस तथ्य को प्रदेश सरकार अब स्वीकार करने लगी है। बजट का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू उद्योगों के लिए प्रावधान है। मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अब उद्योगों के लिए विशेष पैकेज की जरूरत है जो इस बजट में मौजूद हैं। 29 नए औद्योगिक क्षेत्र का विकास, एक जिला एक उत्पाद योजना 19 उत्पादों को जीआई टैग की प्राप्ति जैसे प्रावधान भविष्य के मध्य प्रदेश को औद्योगिक प्रदेश की श्रेणी में रखने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। उद्योगों में निवेश बढ़ाने और उद्योगों की स्थापना की राह आसान कर देने से प्रदेश में रोजगार भी बढ़ेंगे और राज्य सरकार की आय के स्रोत भी बढ़ेंगे। लेकिन देश के अन्य प्रदेशों में उद्योगों पर कर मध्य प्रदेश की तुलना में कम है अतः स्थानीय उद्योगपति प्रदेश में भी करो को कम करने की आशा में थे।

अन्नदाताओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा के प्रावधान विशेष हैं। अन्नदाताओं के लिए विद्युत बिलों में राहत, आर्थिक सहायता, प्रोत्साहन राशि, फसल बीमा, डेयरी उत्पाद, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन परियोजना जैसे अनेक प्रावधान हैं। विरोध इस बात का है कि प्रोत्साहन राशि या बोनस देने की बजाय न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की जानी चाहिए थी क्योंकि उसे किसानों को तत्काल राहत प्राप्त होती है। देवी अहिल्या कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना, मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना, क्षतिग्रस्त पूलों का निर्माण योजना जैसी नवीन योजनाएं बजट में है जो नई सोच के साथ है। प्रदेश को सुदृढ़ और सशक्त बनाने के लिए अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष प्रावधान दिए गए हैं। इनमें हवाई पटिटृयों का विस्तार, सड़कों का निर्माण, बिजली उत्पादन, जल वितरण आदि के प्रावधान स्वागत योग्य हैं। एक करोड़ 27 लाख लाडली बहनों को अटल पेंशन योजना से जोड़ा जाना उपयोगी है, लेकिन लाडली बहना योजना जैसी योजनाओं को रोजगार से भी जोड़ा जाए , यह ज्यादा जरूरी है जिससे प्रदेश सरकार पर वित्तीय भार कम किया जा सके।

निश्चित ही यह सर्वस्पर्शी बजट है। आशा है कि इस बजट का स्पर्श प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों पर भी पड़ेगा,ध्यान देने की जरूरत यह है सभी विभागों को नई भर्तियों की जरूरत हैं। खाली पड़े विभागों के दफ्तर प्रदेश के विकास को गति देने में रोड़ा न बन जाएं।

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