इंदौर: किन्नर समाज में आतंक मचाने वाले कुख्यात किन्नर राजा हाशमी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया. आरोपी पर अपने विरोधी किन्नरों को धमकाने और प्रताड़ित करने के साथ ही एक बड़ी आत्महत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है. पुलिस की टीम ने लगातार कई जिलों में दबिश देने के बाद उसे नरसिंहपुर जिले के बगासपुर गांव से घेराबंदी कर पकड़ा. राजा हाशमी पर इंदौर पुलिस उपायुक्त जोन-4 द्वारा दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया. आरोपी पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदलकर रह रहा था.
पंढरीनाथ थाना प्रभारी निरीक्षक अजय राजौरिया ने बताया कि 16 अक्टूबर को महामंडलेश्वर सोना मंगला गौरी नंदगिरि ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके चेले व साथी किन्नरों को राजा हाशमी, सपना हाजी, पत्रकार अक्षय कुमांयू और पंकज जैन द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था. धमकियों और उत्पीड़न से तंग आकर 15 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे 24 किन्नर साथियों ने एक साथ फिनाइल पी ली थी.
इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी. आरोपी लंबे समय से फरार था और पुलिस टीम उसकी तलाश में कई जिलों में दबिश दे रही थी. 26 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली कि राजा हाशमी अपने बहनोई शानू के यहां ग्राम बगासपुर, थाना गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर में छिपा हुआ है. सूचना पर पुलिस टीम ने वहां दबिश दी. गिरफ्तारी से बचने के लिए राजा हाशमी भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे धर दबोचा. पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर इंदौर लाया गया.
सात अपराधिक प्रकरण दर्ज
आरोपी 39 वर्षीय राजा हाशमी पिता सलीम हाशमी निवासी अंबेडकर नगर, थाना आधारताल, जबलपुर के खिलाफ इंदौर और जबलपुर में मारपीट, अड़ीबाजी और जान से मारने की धमकी जैसे सात आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं.
टीम को मिला सफलता का श्रेय
राजा हाशमी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय राजौरिया, उपनिरीक्षक राम रघुवंशी, सब उपनिरक्षक विकास शर्मा, प्रधान आरक्षक गोकुल मालवीय, आरक्षक राजाराम डुडवे, साइबर सेल आरक्षक गौरव परमार, आरक्षक दीपक परिहार और चालक शुभम की प्रमुख भूमिका रही
