नाबालिग को बंधक बनाने के मामले में गृह सचिव, डीजीपी, एसपी पन्ना सहित अन्य को नोटिस

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने नाबालिग को बंधक बनाने के आरोप के मामले में जवाब तलब किया है। मामले में राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, एसपी पन्ना, टीआई अमानगंज सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को नियत की गई है।

यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका अमानगंज पन्ना निवासी गोविंद नामक व्यक्ति की ओर से दायर की गई है। जिनकी ओर से अधिवक्ता प्रहलाद चौधरी, संकेत चौधरी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाकर्ता की 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री 14 जनवरी 2026 से लापता है। ऐसी आशंका है कि क्षेत्र का ही कोई युवक उसे बहला- फुसलाकर अपने साथ ले गया है। राहत चाही गई कि नाबालिग को तलाशकर पुलिस कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे। शिकायत के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया। लेकिन पतासाजी की दिशा में समुचित गंभीरता नदारद है। इसीलिए न्यायहित में हाईकोर्ट आना पड़ा। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।

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Tue Feb 24 , 2026
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