
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को राज्य शासन की ओर से बताया गया कि लायर्स चेम्बर व बहुस्तरीय पार्किंग के लिए विधि विभाग की स्वीकृति मिल गई है। युगलपीठ ने उक्त जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए आगे की कार्रवाई के लिए चाही गई दो सप्ताह की मोहलत प्रदान कर दी।
उल्लेखनीय है कि यह जनहित का मामला हाईकोर्ट बार एसोसियेशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय पैरवी कर रहे है। जिन्होंने बताया कि इस मामले में मूल याचिकाकर्ता के अलावा अन्य अधिवक्ता संघ भी इंटरवीनर बन गए हैं। इसी से मामले की गंभीरता परिलक्षित होती है। यह मामला व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ है क्योंकि पार्किंग सुविधा नहीं होने से हाईकोर्ट के सामने रोजाना जाम लगता है जिसके चलते राहगीर परेशान होते हैं। मल्टीलेवल पार्किंग बनने से उक्त समस्या से निजात मिलेगी। आवेदक की ओर से कहा गया कि इस भवन का शिलान्यास चार मई 2025 को हुआ था। हाईकोर्ट के गेट नंबर-चार के सामने करीब 117 करोड़ रुपये से आधुनिक लायर्स चेम्बर और बहुस्तरीय पार्किंग बनना है। इसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस एसी शर्मा, जस्टिस सूर्यकांत शर्मा और तत्कालीन चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत की मौजूदगी में हुआ था। इसे लेकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने लगातार राज्य सरकार से पत्राचार किया। शासन की ओर से जवाब दिया गया कि पांच मई 2025 को सैद्धांतिक रूप से वित्त विभाग की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, महज व्यावहारिक रूप से वित्त विभाग से अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ है, जिस कारण से निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
