गोवर्धन सागर और ग्रीन बेल्ट की होटलों से प्रदूषण बोर्ड ने झाड़ा पल्ला

वीडी मार्केट में बनी दुकानों की नपती और रिपोर्ट जिला प्रशासन के हिस्से में आई
अतिक्रमण हटाने व ग्रीन बेल्ट पर बनी होटल पर कार्रवाई नगर निगम के जिम्मे
प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी ने एनजीटी के आदेश से खुद को अलग किया, रिपोर्ट का जवाब आते ही होगी कार्रवाई

उज्जैन: गोवर्धन सागर के आसपास पसरे अवैध निर्माण, अतिक्रमण को हटाने के आदेश एनजीटी द्वारा जारी किए जा चुके हैं. जिस प्रदूषण विभाग को याचिकाकर्ता ने कोर्ट में पार्टी बनाया है, उसके अधिकारी ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया.नवभारत से चर्चा में उज्जैन प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी एच के तिवारी ने बताया कि एनजीटी के आदेश में प्रदूषण विभाग के लिए कोई निर्देश नहीं है हमारी कोई जबाबदेही नहीं बनती है.

होटल मित्तल और वीडी मार्केट
प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी एचके तिवारी से जब यह पूछा गया कि याचिकाकर्ता बाकिर अली रंगवाला ने प्रदूषण विभाग को भी पार्टी बनाया है, तो उन्होंने कहा कि पार्टी तो कोई भी किसी को बना सकता है, बावजूद इसके प्रदूषण विभाग की गोवर्धन सागर और होटल मित्तल के संबंध में कोई जवाबदारी नहीं बनती है. दरअसल विक्रमादित्य क्लाथ मार्केट में सैकड़ों दुकान मकान बने हैं, वहीं 51 दुकान भी अवैध बताई जाकर शिकायत प्रचलन में है, इन्हीं दुकानों को हटाने के लिए एनजीटी ने भी आदेश दिए हैं. साथ ही प्रदूषण बोर्ड को भी पार्टी बनाया गया है.

अवैध निर्माण पर एक नजर
गोवर्धन सागर की भूमि सर्वे क्रमांक 1281 को पूर्व में एडीजे कोर्ट ने सप्त सागर की भूमि करार देत हुए सरकारी माना था. वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी सागर किनारे के अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं. पहले से लेकर अब तक कई बार नपती हो चुकी है, अब तक निगम द्वारा करीब 100 से अधिक क्रमांक 1281 कुल रकबा 7.716 हेक्टयर में से 1.150 हेक्टयर पर स्थायी एवं अस्थायी निर्माणों का पटवारी व राजस्व निरिक्षक द्वारा चिन्हांकित किया गया है. सीमांकन के दौरान यहां हुए स्थायी व अस्थायी निर्माणों की सूची प्रस्तुत की गई है। इस सूची में वीडी क्लॉथ मार्केट में बने भवन भी शामिल है.

नगर निगम के द्वारा गोवर्धन सागर की सर्वे भूमि क्रमांक 1281 को लेकर जारी हुए नोटिस से क्षेत्र के भवन स्वामियों में हडक¸ंप मचा हुआ है. दअरसल कई नोटिस उन भवन स्वामियों को भी मिले हैं, जिनके मकान सालों से बने हुए है. इसमें कुछ मकान कई बार विक्रय भी हो चुके हैं. गोवर्धन सागर से 92 अतिक्रमण हटाने के आदेश पहले ही जारी हो चुके है. इसमें वीडी क्लॉथ मार्केट की 51 दुकानें भी तोड़ी जायेंगी.

3 जनवरी को आदेश
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 3 जनवरी को गोवर्धन सागर पर हुए अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए हैं. जल संरचना पर हुए खिलवाड़ और अतिक्रमण को लेकर एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि नगर निगम उज्जैन इस आदेश का सख्ती से पालन करवाए. सभी अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए.

मार्केट को बचाने की जुगत
समिति अध्यक्ष रामविलास गुप्ता और प्रबंध संचालक रमेशचंद्र गुप्ता ने बताया कि 51 दुकानों से लगभग 1 हजार लोगों की जीविका चलती है. 1972 में हमने जमीन खरीदी थी. सहकारी से किस्तों से मार्केट का निर्माण किया गया। नगरनिगम और टीएनसी से दुकानों का नक्शा पास हुआ है. यह दुकानें सर्वे नंबर 1312 पर बनी हुई हैं. सर्वे नंबर 1281 का झगड़ा है. इससे हमें कोई लेनादेना नहीं है

Next Post

एयर इंडिया ने इज़रायल के लिए उड़ानें फिर से शुरू की

Mon Mar 3 , 2025
यरूशलम, 03 मार्च (वार्ता) देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया ने सात महीने के निलंबन के बाद रविवार को इजरायल के लिए अपनी उड़ानें फिर से शुरू कर दीं। परिचालन दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीधी उड़ान के साथ शुरू हुआ और रविवार शाम को तेल […]

You May Like