जबलपुर: साइबर ठग हर दिन नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैँ। जालसाजों ने अब नया मकडज़ाल फैला दिया है। अब वह मोबाइल एप्लीकेशन की एपीके फाईल डाउनलोड कराते हुए लोगों के मोबाइल पर वायरस इंस्टॉल कर रहे है और बैंकिंग डिटेल्स, यूपीआई पिन समेत व्यक्तिगत जानकारी चुरा रहे, जिससे लोगों के बैंक खातों को खाली किया जा रहा है। शहर में भी ऐसी ठगी की वारदातें बढ़ गई हैं। थानों में पीडि़त शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है, जागरूकता बढ़ाने कार्यक्रम, एडवाइजरी भी जारी कर रही है लेकिन लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं जिसके चलते साइबर ठगी के प्रकरणों में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही हैं। जानकारों की माने तो साइबर ठगी के मामलों में 24 घंटे बहुत ही महत्वपूर्ण होते है। अगर साइबर फ्रॉड होने के चौबीस घंटे के भीतर पीडि़त पुलिस से संपर्क कर ले तो खाते से ट्रांसफर हुई रकम फ्रीज हो सकती है और रकम रिकवर कराई जा सकती है।
टॉप ट्रेंडिंग 7 एपीके फाइल्स के जरिए फ्रॉड
एपीके फ्रॉॅड के तहत नकली ऐप डाउनलोड करवा कर गैस कनेक्शन के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। ऑनलाइन कार रेंटल एपीके फ्रॉड किया जा रहा है इसके जरिए कार बुकिंग, रेंटल ऐप्स के जरिए एडवांस पेमेंट ठगी हो रही है। ए-सिम ऐक्टिवेशन एपीके फ्रॉड नकली ऐप से ए-सिम एक्टिवेट कराकर पहचान और मोबाइल नंबर का एक्सेस। हॉस्पिटल अपॉइंटमेंट एपीके फ्रॉॅड हो रहा है। अपॉइंटमेंट बुकिंग एपीके से डेटा चोरी और पेमेंट फ्रॉॅड किया जा रहा है। बैंकिंग सर्विसेस के नाम पर बने एपीके से यूपीआई, नेट बैंकिंग की जानकारी चोरी। शादी का निमंत्रण बताकर एपीके भेजा जाता है, क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो रहे है। फर्जी चालान ऐप्स के जरिए भुगतान के नाम पर भी ठगी हो रही है।
ऐसे करे बचाव
राज्य साइबर जबलपुर जोन टीआई नीलेश अहिरवार ने कभी भी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप, ईमेल से एपीके डाउनलोड न करें। केवल गूगल प्ले स्टोर, एप्पल ऐप स्टोर से ही ऐप इंस्टॉल करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले यूआरएल को ध्यान से चेक करें। बैंक, गैस, कार रेंटल, अस्पताल या किसी भी सरकारी सेवा से जुड़े काम सीधे ऑफिशियल वेबसाइट, ऐप से ही करें। मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा ऑन रखें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम थाने में शिकायत करें।
केस 1
स्क्रीन बंद हुई, खाते से उड़े 2 लाख
27 अगस्त को रांझी निवासी प्रियंका झारिया को गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना भारी पड़ गया और वह साइबर ठग के जाल में फंस गई थी जैसे ही उसने एपीके फाइल डाउनलोड की तो उसकी मोबाइल स्क्रीन बंद हो गई और उसके खाते से दो लाख रूपए निकाल लिए गए थे।
केस 2
जग डेस्क इंस्टॉल, खाते से निकले हजारों
30 अगस्त को गोहलपुर थाना अंतर्गत चंडालभाटा निवासी निशा तामिया 22 वर्षीय को शॉपिंग एप का हेल्पलाइन नंबर गूगल पर सर्च करना इतना भारी पड़ा कि वह उसने एपीकके फाइल डाउनलोड की तो जंग डेस्क इंस्टाल हो गई और उसके खाते से 78,280 रूपए निकाल लिए गए।
