भोपाल, 27 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश में आगामी आठ मार्च को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी और अनियमितताओं के प्रकरणों का आपसी समझौतों से निराकरण किया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं और उपयोगकर्ताओं से अपील की गयी है कि वे अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू और 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी।
