नहरों के अंतिम छोर तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचना सुनिश्चित करें: कलेक्टर
रीवा: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बाणसागर सभागार में आयोजित बैठक में सिंचाई परियोजनाओं के लिए भू अर्जन प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की. कलेक्टर ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना, त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना सहित सभी सिंचाई परियोजनाओं के लिए भू अर्जन के प्रकरण निराकृत कराएं. पात्र किसानों को सात दिवस में भू अर्जन की राशि का भुगतान कराएं.
जल संसाधन विभाग के अधिकारी और एसडीएम मिलकर भू अर्जन से संबंधित राशि का पूरा विवरण तैयार कर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करें. सभी एसडीएम यह सुनिश्चित करें कि भू अर्जन के कारण निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न आए. सिंचाई परियोजनाओं के लिए जिन जमीनों का अर्जन किया गया है उनमें 15 दिवस की अवधि में जल संसाधन विभाग का नाम खसरे में दर्ज कराएं.
कलेक्टर ने नहरों में पानी की आपूर्ति बार-बार बंद किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की. कलेक्टर ने कहा कि जब फसलों में सिंचाई का महत्वपूर्ण समय हो तब नहरों में पानी की आपूर्ति बंद न करें. किसी दुर्घटना के कारण यदि पानी बंद करना आवश्यक हो तो कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को वस्तुस्थिति से अवगत कराएं. पानी बंद करने की सूचना विभिन्न संचार माध्यमों से किसानों तक पहुंचाएं. जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एसडीओ सहित सभी मैदानी अधिकारी सिंचाई के समय क्षेत्र का लगातार भ्रमण करें.
किसानों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क और संवाद बनाए रखें. पानी बंद करने के संबंध में भी वस्तुस्थिति से आमजनता को अवगत कराएं, नहरों में सिंचाई के लिए अंतिम छोर तक पानी पहुंचना सुनिश्चित करें. सभी नहरों में समान रूप से पानी की आपूर्ति करें. बैठक में प्रभारी अधिकारी भू अर्जन संयुक्त कलेक्टर श्रेयस गोखले ने परियोजनावार भू अर्जन प्रकरणों की जानकारी दी. बैठक में कार्यपालन यंत्री मनोज तिवारी, कार्यपालन यंत्री आरके सिंह, एसडीएम हुजूर वैशाली जैन, एसडीएम गुढ़ अनुराग तिवारी, एसडीएम त्योंथर संजय जैन, एसडीएम जवा पीयूष भट्ट तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे
