
अदालत ने कहा, लोगों के साथ विश्वासघात कर लॉ एंड ऑर्डर को डाला खतरे में
जबलपुर। सिनेक्राफ्ट इंटरटेनमेंट जबलपुर द्वारा 23 जनवरी 2025 को कलाकारों की मौजूदगी में घाट फेस्टिबल आयोजन की टिकिट बेचकर आयोजन न करने को अदालत ने काफी गंभीरता से लिया। अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार यादव की अदालत ने आरोपी मैनेजर की राहुल मिश्रा की ओर से पेश की गई जमानत अर्जी निरस्त कर दी। अदालत ने पाया कि आयोजन न कर लोगों के साथ विश्वासघाट किया गया, इतना ही नहीं लॉ एंड ऑर्डर को भी खतरे में डाला गया, जिससे वहां बलबे की स्थिति निर्मित हुई।
अदालत के समक्ष शासन की ओर से एजीपी लहर दीक्षित ने पक्ष रखते हुए जमानत अर्जी पर आपत्ति दर्ज करायी। उन्होंने अदालत को बताया कि सिनेक्राफ्ट इंटरटेनमेंट जबलपुर द्वारा विगत 23 जनवरी को घाट फेस्टिबल का आयोजन किया गया था। जिसमें सुनील ग्रोवर व पीयूष मिश्रा जैसे नामी कलाकारों को अपनी प्रस्तुति देनी थी। इसके लिये आयोजन संस्था ने बुक माय शो के नाम से महंगे दामों पर टिकिट विक्रय की थी, लेकिन कार्यक्रम के दौरान कोई कलाकार उपस्थित नहीं हुआ। इतना ही नहीं मंच में उपस्थिति देने वालों का भी भुगतान नहीं किया गया, जिससे उन्होंने भी काम नहीं किया। करीब दो हजार लोग कार्यक्रम देखने के लिये मौजूद थे, कार्यक्रम न होने की उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई, जिससे भीड़ आक्रोशित हो गई और लॉ एंड ऑर्डर खतरे में पड़ा। बड़ी मुश्किल से पुलिस व प्रशासन ने भीड़ पर नियंत्रण किया, इस दौरान जमकर तोडफ़ोड़ हुई थी। जिला कलेक्टर के आवेदन पर भेड़ाघाट पुलिस ने आरोपी मैनेजर राहुल मिश्रा सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले के अन्य आरोपी अभी फरार है और जांच जारी है। सुनवाई पश्चात् अदालत ने आरोपी की ओर पेश किया गया जमानती आवेदन निरस्त कर दिया।
