
शाजापुर. न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी हुकुम सिंह कराड़ा की चुनाव याचिका को निरस्त कर दिया गया है. यह फैसला शाजापुर विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है. न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने अपने फैसले में कहा है कि कराड़ा की याचिका तथ्यात्मक नहीं है और न ही इसमें कोई आधार है. इसके अलावा, पोस्टल बैलेट वोट की गिनती में भी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है.
इस मामले में शाजापुर विधायक अरुण भीमावद का आवेदन स्वीकार किया गया है. भीमावद की तरफ से पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने पैरवी की थी. यह फैसला 3 महीने पहले याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा था. उल्लेखनीय है कि शाजापुर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हुकुम सिंह कराड़ा द्वारा लगाई गई चुनाव याचिका को न्यायालय ने निरस्त कर दिया है. यह याचिका शाजापुर विधायक अरुण भीमावद के विरुद्ध लगाई गई थी. हुकुम सिंह कराड़ा 29 वोट से चुनाव हार गए थे. इस मामले में अरुण भीमावद की ओर से इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और हर्ष वर्धन शर्मा अभिभाषकगण ने पक्ष रखा था, जबकि याचिकाकर्ता कराड़ा की ओर से अभिनव धनोदकर अधिवक्ता ने पक्ष रखा था. न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने अपने फैसले में कहा है कि कराड़ा की याचिका तथ्यात्मक नहीं है और न ही इसमें कोई आधार है. इसके अलावा, पोस्टल बैलेट वोट की गिनती में भी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है. इस फैसले से अरुण भीमावद की विधायकी पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह अपने पद पर बने रहेंगे.
