गुवाहाटी, (वार्ता) पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद का नाम बुधवार को असम के बारपेटा मेडिकल कॉलेज से हटाने के असम मंत्रिमंडल के फैसले पर कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
एआईयूडीएफ प्रमुख ने इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज से पूर्व राष्ट्रपति का नाम हटाने के पीछे कोई कारण नहीं है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा था कि मंत्रिमंडल ने मेडिकल कॉलेज से अली अहमद का नाम हटाने का फैसला किया है क्योंकि यह अन्य मेडिकल कॉलेजों के नामों से मेल नहीं खाता है, जिनका नाम उन स्थानों के नाम पर रखा गया था जहां वे स्थित हैं।
श्री अजमल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार केवल अल्पसंख्यकों के पीछे पड़ी है और उन्हें नहीं पता कि मेडिकल कॉलेज से पूर्व राष्ट्रपति का नाम हटाने से क्या लाभ होगा।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी की उम्मीदवार मीरा बोरठाकुर गोस्वामी ने मेडिकल कॉलेज से पूर्व राष्ट्रपति का नाम हटाने के सरकारी फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया।
सुश्री गोस्वामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कहा, “यह देश के पूर्व राष्ट्रपति का अपमान है। मैं सरकार से इस फैसले को वापस लेने की अपील करती हूं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति न केवल एक मुस्लिम थे, बल्कि वे ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने असम को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया।”
