
झाबुआ। इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने झाबुआ जिले के थांदला में पदस्थ खंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) और एक अन्य कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। बताया गया कि एक शैक्षणिक संस्था की मान्यता के नवीनीकरण के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। लोकायुक्त पुलिस टीम द्वारा यह कार्रवाई सोमवार को बीआरसी कार्यालय थांदला में की गई। लोकायुक्त पुलिस के अधिकारी द्वारा बताया गया की आवदेक रूसमल पिता मांगिया भूरिया 32 वर्ष नि. ग्राम छोटागुड़ा, तह. मेघनगर, ज्ञानगंगा एकेडमी थांदला का संचालक है, जिसकी मान्यता मार्च 2024 में समाप्त हो गई थी, जिसके नवीनीकरण करने के एवज में आरोपी संजय सिकरवार पिता वीरेन्द्रसिंह सिकरवार 51 वर्ष खंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) कार्यालय थांदला, मूल विभाग शिक्षा विभाग झाबुआ, नि. 24 लक्ष्मीनगर झाबुआ एवं आरोपी श्यामलाल पिता प्रताप पाल 43 वर्ष भृत्य कार्यालय खंड स्त्रोत समन्वयक आवेदक से 18 हजार रू. रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत आवेदक ग्राम बेडवा के रूसमॉल द्वारा राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, विपुस्था लोकायुक्त इंदौर को की गई। सत्यापन में शिकायत सही पाई जाने पर 17 फरवरी को ट्रैपदल का गठन किया गया और आरोपीगण को 11 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो पकडा गया। आरोपीगण के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अंतर्गत कार्यवाही जारी है। बताते है कि विकासखंड के अधिकांश सीएसी तथा संकूल स्कूल के अध्यापक सिकरवार के रिश्वती आतंक से परेशान थे। जैसे ही यह खबर नगर में फैली वैसे ही बीआरसी कार्यालय के बाहर लोगों का हुजूम जमा हो गया। बीआरसी संजय सिकरवार पुराने कार्यालय जहां सीएम राइज स्कूल बनाना हेै, को खाली करने को तैयार नहीं थे, बमुश्किल वहां से खाली कर ऐसा एकांत स्थान तलाश रहा था जहां किसी का आना जान न के बराबर हो और अपनी मनमानी कर सके। उक्त कार्यवाहीं में निरीक्षक राहुल गजभिये, कार्यवाहक निरी. प्रतिभा तोमर, आर. विजय कुमार, अनिल परमार, शैलेन्द्र सिंह बघेल, मनीष माथुर एवं कृष्णा शामिल थे।
17 झाबुआ-1- कार्यवाही करती टीम, गोल घेरे में बीआरसी सिकरवार
