भोपाल, 15 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश में इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए कथित परिवहन घोटाले के मामले में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य के एक मंत्री पर आरोप लगाते हुए इस मामले में उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच की मांग की है।
श्री सिंघार ने आज संवाददाताओं से चर्चा के दौरान इससे जुड़े कई दस्तावेज सबके सामने पेश करने का दावा किया। श्री सिंघार ने इस दौरान लगातार एक मंत्री और कई अन्य लोगों पर आरोप लगाते हुए अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज पेश करने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि वे जो दस्तावेज पेश कर रहे हैं, वे लगभग एक हजार 250 करोड़ रुपए से अधिक की बेनामी संपत्ति का ब्यौरा है।
उन्होंने इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और राज्य के सागर जिले में इस घोटाले से कथित तौर पर संबद्ध लोगों की संपत्तियां होने की भी बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि वे अन्य शहरों में भी इस प्रकार की और संपत्ति होने का जल्द ही मय दस्तावेज के खुलासा करेंगे।
श्री सिंघार ने ये भी दावा किया कि केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य लोगों को इस संबंध में पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में चल रहे इस भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सूचित किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच एजेंसियों को एक डायरी भी मिली है, जो असली है और उसकी जांच हैंड राइटिंग विशेषज्ञ से कराई जा सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में गिरफ्त में आए सौरभ शर्मा के संबंध में जांच एजेंसियों से कई सवाल करते हुए ये भी पूछा कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान वो कहां कहां रहा और उसे सरकार में मौजूद किन लोगों ने शरण दी।
