नगर निगम नहीं कर रहा कार्रवाई
इंदौर:स्वच्छता में शहर देश के नंबर वन है. जब देश में सर्वेक्षण चलता है तब तक निगम जोर शोर से जुटा रहता है लेकिन सर्वेक्षण खत्म होते ही लापरवाही दिखने लगती है. इसके चलते करोड़ों रूपए पानी में बह जाते है और कोई पूछने वाला नहीं.शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए गए. इसी में आर्दश मार्ग भी बनाया गाया जिस पर लाखों रूपए झोंक दिए गए. आदर्श मार्ग स्वच्छ और सबसे सुंदर बना वहीं दूसरी तरफ कुछ ही समय पहले प्रशासन द्वारा शहर को भिक्षुओं से मुक्त भी करवाया गया. इस योजना के तहत भी करोड़ों रूपए खर्च किए गए. वर्तमान में यहां दोनों ही कार्यों पर लापरवाही नजर आ रही है.
पलासिया चौराहे से लेकर साकेत कॉर्नर चौराहे तक आदर्श मार्ग पर निगम की लापरवाही दिखाई देती है. आर्दश मार्ग पर बने बस स्टॉप पर पिछले कई दिनों से खानाबदोशों को कब्जा है. यहां भिक्षुक सुबह और शाम भीख मांगने निकल पड़ते है और दिन भर बैंच पर आराम करते हैं. इतना ही नही यहां पर घरेलु वस्तुएं जिसमें गैस की टंकी, चूल्हा, बर्तन, बल्टी यानी खाना बदोशों की गृहस्थी भी चल रही है. यूं तो नगर निगम अपनी आपको अलर्ट बताता है लेकिन यहां उनकी नजर नहीं पड़ती है. किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही.
इनका कहना है
उस क्षेत्र में जो भी जिम्मेदार है उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. जब नगर निगम अधिकारी या प्रशासन किसी को नहीं बख्शता तो लापरवाही करने वालों को क्यों छोड़ रही है. उन्हें भी दंडित किया जाए.
– अजीज़ शेख़
सुंदर बनाना और उसे मैंटेन करना दोनों ही अलग बात है. आर्दश मार्ग ही नहीं शहर के प्रत्येक मार्ग को इससे मुक्त किया जाना चाहिए जो भी विभाग इसका जिम्मेदार है उसे संज्ञान में लेना होगा.
– कमल चौधरी
शहर भर के भिक्षुओं को शेल्टर होम में रखा गया तो यह भाग कैसे गए. योजना बनाई लेकिन सिर्फ उसे कागज़ो पर सीमित कर दिया. इसका मतलब आर्दश मार्ग और भिक्षुक दोनों ही कार्य में विफलता हुई.
– कुलदीप जाट
