
दस्तावेज के सत्यापन में फर्जी मिले रिकार्ड
नवभारत न्यूज
रीवा, 7 फरवरी, रीवा में डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक (शाखा डाकपाल) की भर्ती में आधा दर्जन के शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी पाए गए है. जांच के बाद खुलासा होने पर सेवा समाप्त कर दी गई है. साथ ही डाकघर के अधीक्षक ने सभी के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिये है.
फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति प्राप्त करने वाले शाखा डाकपाल की पहचान की जा रही है. 6 फर्जी ब्रांच पोस्ट मास्टरों की पहचान होने के बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी है. उनके खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है. जिन पर कार्रवाई हुई उनमें रीवा के 5 और सीधी का एक ब्रांच पोस्ट मास्टर शामिल है. अंकसूची फर्जी मिलने पर कार्रवाई डाकघर अधीक्षक रीवा संभाग रमेश कुमार तिवारी ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि नियुक्त किए गए ब्रांच पोस्ट मास्टरों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है. सत्यापन के दौरान अब 6 ब्रांच पोस्ट मास्टरों के दस्तावेज फर्जी पाए गए, उनकी सेवा समाप्त कर दी है. इसमें रीवा के 5 और सीधी का एक ब्रांच पोस्ट मास्टर शामिल है. सभी ब्रांच पोस्ट मास्टरों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं हो जाता, तब तक यह कहना मुश्किल है कि कितने ब्रांच पोस्ट मास्टर फर्जी हैं.जिन फर्जी ब्रांच पोस्ट मास्टरों की सेवा समाप्त की गई, उनमें अजय कुमार बरा कोठार, अजय निगम बरहुला पटेहरा, विनोद कुमार चंदई, मोनिका त्रिपाठी पनवार, नरेन्द्र कुमार गढ़ी सोहरवा शामिल हैं. आनलाइन आवेदन हुआ था कई की अंकसूची फर्जी पाई गई है.
