मुंबई 07 फरवरी (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सीमा पार ऑनलाइन लेनदेन में सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक (एएफए) को अनिवार्य बनाएगा।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में लिए गये निर्णयाें की जानकारी देते हुये शुक्रवार को बताया कि सीमा पार ऑनलाइन लेनदेन में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ने एएफए को अनिवार्य बनाने की योजना बनाई गई है। एएफए के लागू होने से घरेलू डिजिटल भुगतान लेनदेन में सुरक्षा और विश्वास में वृद्धि हुई है, लेकिन वर्तमान में यह सुविधा केवल घरेलू लेनदेन तक ही सीमित है।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि अब आरबीआई ने प्रस्ताव रखा है कि भारत में जारी किए गए कार्डों का उपयोग करके किए गए अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन लेनदेन में भी एएफए अनिवार्य किया जाए। इससे उन मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जहां विदेशी व्यापारी एएफए का समर्थन करते हैं। इस कदम से अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन में धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और उपभोक्ता विश्वास में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर हितधारकों से सुझाव और प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए आरबीआई जल्द ही एक मसौदा परिपत्र जारी करेगा।
