मध्य प्रदेश में हुआ डेनमार्क के कुल रेलवे नेटवर्क से अधिक विस्तार

– इस साल भी जारी रहेगी रेलवे के विकास की रफ्तार

नई दिल्ली – मध्य प्रदेश में पिछले साल डेनमार्क जैसे विकसित देश में कुल रेलवे नेटवर्क से भी अधिक रेल नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इस साल भी राज्य में रेलवे की छुक-छुक से कुछ ऐसा ही होने वाला है।

मध्य प्रदेश को इस बार बजट में रेल परियोजनाओं के विकास के लिए बड़ी धनराशि आवंटित की गई है. बजट 2025-26 में राज्य में चल रही रेलवे परियोजनाओं के लिए 14,745 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. इस राशि को अलग-अलग परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में स्वीकृत बजट की जानकारी देते हुए बताया कि, मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए 14745 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है. यह यूपीए-2 सरकार के समय आवंटित की गई राशि से 23 गुना ज्यादा है.

रेल मंत्री ने बताया कि पिछले 10 साल में मध्य प्रदेश में 2500 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क जैसे विकसित देश के कुल रेल नेटवर्क से भी ज्यादा है. राज्य में 2014 से अब तक 2808 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया है. मध्य प्रदेश में विद्युतीकरण का कार्य शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव की तारीफ करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, रेलवे को राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है. मुख्यमंत्री लगातार संपर्क में रहते हैं। उन्होंने सोलर एनर्जी को लेकर एक नया प्रस्ताव भी दिया है. वैष्णव ने बताया कि सोलर एनर्जी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के साथ जल्द ही एक एमओयू साइन किया जाएगा. इसके तहत रेलवे मध्य प्रदेश से 145 मेगावाट सोलर एनर्जी लेगा.

रेल मंत्री ने बताया कि, मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जिससे नई रेल लाइन, दोहरीकरण और पुल बनाने का काम चल रहा है. प्रदेश में 31 नए रेलवे के नए ट्रैक बनाने के लिए 1लाख 4 हजार 987 करोड़ की लागत से 5869 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक का निर्माण होगा. इसमें से कुछ परियोजनाएं ऐसी हैं जो वर्षों से लंबित पड़ी थी। प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल के शुरुआत में ही इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने स्वीकृति प्रदान कर दी थी. इसमें प्रमुख रूप से इंदौर-मनमाड रेल परियोजना शामिल है.इसके अलावा 2708 करोड़ की लागत से 80 स्टेशनों को अमृत भारत के तहत विकसित किया जाएगा.

मध्य प्रदेश के 7 महत्वपूर्ण स्टेशनों का निर्माण के लिए 1950 करोड रुपए आवंटित किए गए हैं. राजधानी भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन का पुनर्निर्माण 100 करोड़ की लागत से किया गया है. इसके अलावा ग्वालियर 535 करोड़, खजुराहो 218 करोड़, सतना 272 करोड़, इंदौर 480 करोड़, बीना 98 करोड़ और जबलपुर स्टेशन का 247 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण किया जा रहा है.

राज्य में 2014 से अब तक 1109 फ्लाईओवर और पुल का निर्माण किया गया है. यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 69 लिफ्ट और 41 स्वचालित सीढ़ियों का निर्माण हुआ है. अभी तक 408 स्टेशन पर वाईफाई की सुविधा उपलब्ध है. प्रदेश में इस समय चार वंदे भारत चल रही हैं, जो 14 जिलों के 18 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकती हैं.

Next Post

100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई अक्षय कुमार की फिल्म स्काईफोर्स

Tue Feb 4 , 2025
मुंबई, (वार्ता) बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार की फिल्म स्काईफोर्स ने भारतीय बाजार में 100 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर ली है। फिल्म स्काईफोर्स में अक्षय कुमार के साथ निमरत कौर, सारा अली खान और वीर पहाड़िया की अहम भूमिका है।‘स्काई फोर्स’ में अक्षय कुमार और वीर […]

You May Like