एमआर – 12 में बाधक 1 हजार मकान और झोपड़ियां

सड़क 4.5 किलोमीटर बनी, 8 सौ मीटर आरओबी एवं 70 मीटर नदी ब्रिज बाकी

इंदौर: भौंरासला चौराहे से बायपास को जोड़ने वाली एमआर-12 में एक हजार मकान और झोपड़ियां बाधक है. साथ ही सड़क का 4.5 किलोमीटर लंबा हिस्सा बन चुका है. मगर रेलवे ओवर ब्रिज की अनुमति आना बाकी है, वही नदी पुल का टेंडर पास हो गया है, लेकिन सड़क का अलाइनमेंट कॉलोनी के कारण बदलने से कम शुरू नहीं किया जा रहा है.आईडीए शहर को सिंहस्थ के पहले 250 फीट चौड़ी सड़क की सौगात देने जा रहा है. उक्त सड़क एमआर-12 के नाम से जानी जाएगी. यह सड़क मास्टर प्लान की महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। एक सड़क पर कई बाधक है, लेकिन भांगिया जाखिया के 39 ईट भट्ठों को हटा दिया गया है अथवा हट रहे है.

सड़क में सबसे बड़ी बड़ी है फागुन होटल के पास सर्विस रोड पर दो सौ झुग्गियां और एबी रोड पार रविदास नगर के 8 सौ मकान. दोनों हट जाएंगे, तो बायपास से एबी रोड आने जाने का रास्ता साफ हो जाएगा. वहीं आईडीए को अभी तक चार महीने हो गए है, रेलवे ओवर ब्रिज के लिए एनओसी नहीं मिली है, इसलिए ब्रिज के टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है. यह ब्रिज सिक्स लेन चौड़ा और 8 सौ मीटर लंबा बनेगा. साथ यह गांव की नदी पर भी 70 मीटर लंबा और सिक्स लेन चौड़ा ब्रिज बनाने के टेंडर आईडीए कर चुका है, सड़क का अलायनमेंट बदलने के कारण वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया है.

वाहन शहर के बाहर से निकल सकेंगे
उक्त सड़क की योजना 139 और 169 / ए का हिस्सा भी आईडीए ने बना दिया है. यह सड़क एमआर – 10 के पास से शुरू होकर 9.2 किलोमीटर लंबी एवं 250 फीट चौड़ी बायपास पर मिलेगी. इस सड़क के बनने से देवास और मुंबई जाने और मुंबई और देवास से आने वाले सभी वाहन आसानी से शहर के बाहर से निकल जाएंगे.

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