भोपाल:राजधानी में सभी तालाबों को सीवेज से बचने के लिए अमृत 2.0 प्रोजेक्ट के अंतर्गत योजनाएं तैयार की गई है, जिसमें पहली बार में बड़ा तालाब, शाहपुरा तालाब, छोटा तालाब और चार इमली तालाब के लिए 210 किलोमीटर का सीवेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा और इसके कुल लागत 400 करोड़ की है की बताई जा रही है.इससे शहर के लगभग 30 हज़ार घरों की सीवेज लाइन को कनेक्ट किया जा रहा है.
जिसके लिए 11 एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और 5 से ज्यादा पंप हाउस (आईपीएस) बनाए जाएंगे।इसके बाद शहर का सीवेज नेटवर्क 23त्न से बढ़कर 60त्न तक हो जाएगा। अमृत-2 योजना के तहत चार फेज में 682 किलोमीटर का सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए कुल 1073 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जबकि शहर में संपूर्ण सीवेज नेटवर्क विकसित करने के लिए कुल 3000 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी।
पहले फेस के बाद बाकी तीनों फेज़ के लिए करीब 673 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जो की 472 किलोमीटर का सीवेज नेटवर्क बनाया जाएगा। पहले फेज़ के बाद राजधानी के बड़े तालाब के लिए हलालपुर से बैरागढ़, भैंसाखेड़ी और एयरपोर्ट रोड के क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। शाहपुरा तालाब के आसपास त्रिलंगा, डीके कॉटेज, बावडिय़ा कलां, कोलार और चूनाभट्टी क्षेत्रों में सीवेज नेटवर्क बनाया जाएगा। चार इमली तालाब के लिए चार इमली, पंचशील नगर, लिंक रोड 2-3 कनेक्ट करेंगे। मुख्य रूप से वार्ड नंबर 1 से 6 और 80 से 85 तक, यानी कुल 150 से अधिक इलाकों में सीवेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा। तालाबों को सीवेज से पूरी तरह मुक्त करेंगे
