नयी दिल्ली, 17 जून (वार्ता) स्वच्छ भारत मिशन- शहरी (एसबीएम-यू) के तहत आंध्र प्रदेश के गुंटूर, चेन्नई और इंदौर में घर घर कचरा संग्रह के इलेक्ट्रिक वाहनों को इस्तेमाल किया जाएगा ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके।
केंद्रीय आवासन और शहरी मामले मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि इंदौर, गुंटूर और चेन्नई जैसे शहरों द्वारा किए गए ये अग्रणी प्रयास स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत स्वच्छ, स्मार्ट और अधिक टिकाऊ शहरी अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक शक्तिशाली बदलाव को दर्शाते हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल तकनीकों को अपनाकर ये शहर न केवल पर्यावरणीय प्रभावों को कम कर रहे हैं, बल्कि परिचालन दक्षता और सामुदायिक कल्याण में भी सुधार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक ईंधन से चलने वाले कचरा ट्रकों की जगह ईवी के इस्तेमाल से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, बल्कि कचरा मुक्त शहरों के मिशन का लक्ष्य भी पूरा होता है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के गुंटूर ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रह के लिए 200 से अधिक इलेक्ट्रिक ऑटो तैनात करके अपशिष्ट प्रबंधन में एक पर्यावरण अनुकूल परिवर्तन को अपनाया है।
ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (जीसीसी) ने शहर भर में कचरा संग्रहण के लिए बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक रिक्शा तैनात किए हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण के अनुकूल विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है बल्कि वायु और ध्वनि प्रदूषण जैसी महत्वपूर्ण शहरी चुनौतियों का भी समाधान करती है। डीजल से चलने वाले वाहनों की जगह ई-रिक्शा लेकर जो प्रतिदिन लगभग 40 किलोमीटर की यात्रा करते हैं, शहर प्रभावी रूप से हर दिन लगभग 41 टन कार्बन उत्सर्जन कम करता है।
इंदौर नगर निगम ने पारंपरिक डीजल से चलने वाले ट्रकों की जगह डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 100 इलेक्ट्रिक वाहन (ई-वाहन) शुरू करके पर्यावरणीय स्थिरता और परिचालन दक्षता की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम उठाया है।

