स्कूल कॉलेजो के पास जम रहे पान गुटके के ठेले
जबलपुर:शहर से लेकर गांव तक इस कदर पाउच में बिक रहे जहर का चलन बढ़ चुका है जिसका कोई हिसाब ही नहीं है। जिन जहरीले गुटखा पाउचों के सेवन से पीढ़ियों को क्षति हो रही है, उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ऐसे जहरीले गुटखा पाउचों का निर्माण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। शहर के सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की माने तो किशोरवय से लेकर बुजुर्ग तक इसका सेवन करके गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
सबको पता है कि गुटखा पाउच और पान मसाले जानलेवा रसायन मिलाकर तैयार किए जाते हैं। ये घातक रसायन अब तक न जाने कितने लोगों की जान ले चुके हैं, इसके बाद भी जिम्मेदार न तो जाँच के लिए सैम्पलिंग करते हैं और न ही इनकी बिक्री पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वही जहरीले गुटखा पाउचों की तरफ आकर्षित कराने में अभिनेताओं की भूमिका भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। उनको गुटखा पाउच खाता देखकर आज कल के किशोर भी इसका सेवन करने लगते हैं।
अधिकारी नहीं करते प्रयत्न
शहर में गुटखा पाउचों की बिक्री तभी संभव होती है जब जिम्मेदार विभागों के अधिकारी इसपर रोक नहीं लगाते है। जिसपर यह कहना गलत नहीं होगा कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह खेल चल रहा है। इतना ही नहीं गुटखा पाउचों का सेवन केवल वयस्क ही नहीं बल्कि बच्चे भी करने लगे हैं, ये बच्चे आगे चलकर किसी न किसी गंभीर बीमारी का शिकार होंगे। गुटखा पाउचों में जिस तरह का जहरीला कैमिकल मिला होता है उससे गंभीर रोग होना तय रहता है। इसका कारण घर के बड़े बुजुर्ग भी है जिनको देखकर बच्चे बिगड़ रहे हैं।
