ब्रिस्टल, 22 जून (वार्ता) वेस्टइंडीज से श्रीलंका की हार के बाद चामरी अटापट्टू ने कहा कि मुझे लगाता है कि एक कप्तान के तौर पर मैं नाकाम रही हूं। श्रीलंका की टीम इस हार के बाद वे ग्रुप 2 की छह टीमों में पांचवें स्थान पर हैं और 2026 महिला टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाने की दौड़ में पिछड़ गई हैं। इस मैच श्रीलंका की टीम 98 रन पर सिमट गई और अटापट्टू मात्र 2 रन ही बना सकीं। वेस्टइंडीज ने यह लक्ष्य पांच विकेट और 23 गेंदें बाकी रहते हासिल कर लिया। श्रीलंका ने तीन में से दो मैच जीते हैं, लेकिन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं, और न्यूजीलैंड तथा स्कॉटलैंड नेट रन रेट में आगे हैं। ऐसे में, अटापट्टू की टीम को ग्रुप से आगे बढ़ने के लिए अपनी किस्मत और प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार की जरूरत है।
अपना दसवां टी-20 विश्व कप खेल रहीं अटापट्टू ने कहा, “सच कहूं तो, यह दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मुझे लगता है कि मैंने नेशनल टीम के लिए लगभग 18 साल खेला है, लेकिन मुझे कभी भी अपनी टीम को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ले जाने का मौका नहीं मिला। भले ही मैंने व्यक्तिगत रूप से कई उपलब्धियां हासिल की हों, लेकिन मुझे लगता है कि एक कप्तान के तौर पर मैं नाकाम रही हूं, क्योंकि एक खिलाड़ी के लिए यह बहुत बड़ा दुख है।
असल में, अब मुझे इसी दुख के साथ जीना होगा।” उन्होंने कहा, ” मुझे लगता है कि मैंने अपनी पूरी कोशिश की, लेकिन मुझे और अधिक जिम्मेदारी से खेलना चाहिए था। अगर मैं आज और अधिक जिम्मेदारी से खेलती, तो हम यह मैच जीत सकते थे। इसलिए, मुझे इसका अफसोस है। मैं किसी पर दोष नहीं मढ़ना चाहती; एक खिलाड़ी, टीम की कप्तान और अधिक अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते, मेरी जिम्मेदारी अधिक थी।इसलिए, मैं बहुत दुखी हूं, मुझे ऐसा लग रहा है कि मैंने अपना आखिरी मौका गंवा दिया है।” 36 साल की अटापट्टू ने पाकिस्तान में होने वाले टी-20 विश्वकप के 11वें संस्करण में खेलने के बारे में सवाल के जवाब में कहा, “अभी मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकती, क्योंकि मेरी उम्र 36 साल हो गई है। इसलिए, फिटनेस वगैरह को देखते हुए ही यह तय होगा। मैं अपनी फिजिकल फिटनेस और स्किल्स को अच्छे लेवल पर बनाए रखने की पूरी कोशिश करती हूं। अगर टीम चाहेगी, तो मैं भविष्य में खेलूंगी, लेकिन मेरे परफॉर्मेंस और फिटनेस लेवल के आधार पर ही यह तय होगा कि मैं खेलूंगी या नहीं।”

