नयी दिल्ली (वार्ता) केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान मेटा के ग्लोबल अफेयर्स के अध्यक्ष निक क्लेग से मुलाकात की।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि इस बैठक का उद्देश्य कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) और मेटा के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करना है। श्री चौधरी और श्री निक ने चर्चा के दौरान भारत को कौशल विकास और डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में स्किल इंडिया असिस्टेंट (एसआईए) का विकास और मेटा के ओपन-सोर्स एआई मॉडल “लामा” का उपयोग करने पर चर्चा हुई, जिसे स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) के साथ जोड़ा जाएगा। यह पहल युवाओं को डिजिटल शिक्षा, कौशल पाठ्यक्रमों और करियर विकास के लिए व्यक्तिगत शिक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है।
श्री जयंत चौधरी ने इस पहल को भारत की वैश्विक कौशल क्रांति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “भारत एक वैश्विक कौशल क्रांति के केंद्र में है। मेटा की अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से हम युवाओं को डिजिटल युग में सफलता पाने के लिए तैयार कर रहे हैं। यह न केवल तकनीकी प्रगति है बल्कि हर व्यक्ति को वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर है।”
मेटा (भारत) के उपाध्यक्ष शिवनाथ ठुकलाल ने भारत के साथ साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “हम कौशल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर भारत के युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने के लिए काम कर रहे हैं। एआई-आधारित समाधान जैसे एसआईए, उद्यमियों और युवाओं को उनकी क्षमता का अधिकतम उपयोग करने में मदद करेंगे।”
इसके अलावा कौशल विकास मंत्रालय और मेटा ने राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी) के माध्यम से देशभर में डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए हैं। इस पहल के तहत लोगों को फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और रील्स जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर अपने व्यवसायों को बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंचने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह साझेदारी भारत के युवाओं को सशक्त बनाते हुए देश को “वैश्विक कौशल राजधानी” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
