
नगर निगम अधिकारियों की मनमानी का खामियाजा भुगत रहे वार्डवासी
नवभारत न्यूज
रीवा, 17 जनवरी, नगर निगम इन दिनो कई मोहल्लो में गन्दगी पानी को नाले में गिराने के लिये नालियों का निर्माण करा रहा है.
लाखों की लागत से बनने वाली नालियो में न तो गुणवत्ता का ध्यान दिया जाता और न ही नियमो का, विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ ठेकेदार के भरोसे निर्माण कार्य को छोड़ देते है. काम होने के बाद न तो उसकी क्वालिटी जांच होती और न ही परीक्षण होता. कमीशन लेने के बाद बिल का भुगतान भी कर दिया जाता है. ऐसा ही मामला शहर के वार्ड क्रमांक 23 का सामने आया है जहा प्रोफेसर कालोनी से अमहिया नाला तक बनने वाली नाली का संबंधित एसडीओ एवं इंजीनियर के द्वारा गलत तरीके से लेआउट देकर निर्माण कराया जा रहा है. जिस पर वार्ड वासियो ने न सिर्फ आपत्ति दर्ज कराई है बल्कि नगर निगम आयुक्त से इसकी शिकायत की गई है. बताया गया है कि वार्ड क्रमांक 23 में गुलाब मार्ग के किनारे प्रोफेसर कालोनी से अमहिया नाला तक नाली निर्माण का कार्य किया जा रहा है जो कि एक मात्र नाली है जिससे होकर अमहिया नाला तक पानी की निकासी होती है किन्तु उक्त नाली का पूर्व निर्माण अव्यवस्थित ढंग से किया गया था. जिसकी वजह से पानी निकासी को लेकर समस्याएं हो रही है. खास बात यह है कि नाली के ऊपर ही ट्रांसफार्मर भी खड़ा कर दिया गया था. अब जब नई नाली का निर्माण किया जा रहा है तो मोहल्ले वासियो का कहना है कि उक्त नाली का सही तरीके से लेआउट देकर सीधा निर्माण कराया जाना चाहिये. लेकिन प्रभारी एसडीओ एवं सब इंजीनियर की मिली भगत से ठेकेदार नाली का निर्माण टेढ़ा-मेढ़ा कर रहा है जिससे लोगो को आगे फिर से उसी तरह की दिक्कतो का सामना करना पड़ेगा.
घर के नीचे से भी बना रहे नाली
मोहल्ले वासियों का आरोप है कि गोस्वामी एक्सरे के सामने तथा बड़ी दरगाह मोड़ के आसपास बन रही नाली का लेआउट ही बदल दिया गया. कई स्थानो पर पुरानी नाली घर के नीचे थी अब उस पर ही निगम के अधिकारी नाली बनाने का दबाव बना रहे है. जबकि सही तरीके से यदि नाली का निर्माण कराया जाय तो नाली सडक़ के किनारे से सीधे अमहिया नाले में जोड़ी जा सकती है. जिस तरह से नाली को खोद कर लोगो का घर तोड़ा जा रहा है उससे अब लोगो में आक्रोश बढ़ रहा है. निगम के अधिकारी है कि मोहल्ले के लोगो की समस्या सुनने को तैयार नही है.
