रिजर्व बैंक से कम फण्ड भेजने से क्या खड़ी हुई कई एटीएम में पैसों के कमी की समस्या का दंश झेल रहे उपभोक्ता, एक सप्ताह से खराब बैंक के मुख्य एटीएम में आई तकनीकी खराबी का सूचना के बाद भी नही हुआ सुधार
सीधी : एक सप्ताह से एसबीआई एटीएम से पैसा न निकलने से उपभोक्ता परेशान हैं। रिजर्व बैंक से कम फण्ड भेजने से कई एटीएम में पैसों की कमी की समस्या खड़ी हुई है। वहीं एक सप्ताह से खराब बैंक के मुख्य एटीएम में आई तकनीकी खराबी का सूचना के बाद भी सुधार नहीं हुआ।बताते चलें कि एसबीआई के एटीएम ही शहर के अधिकांश स्थानों में संचालित हैं। एसबीआई के एटीएम से ही लोग अपनी जरूरत की नकदी निकालते हैं। वर्तमान में सबसे ज्यादा समस्या एसबीआई के एटीएम से पैसे न निकलने के कारण बनी हुई है। लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर काटते रहते हैं लेकिन फिर भी पैसे निकल पाते।
एटीएम मशीन में कार्ड डालने के बाद कुछ स्थानों पर नकदी न होने का मैसेज भी आ रहा है। वहीं कुछ एटीएम में कार्ड डालने एवं नकदी निकालते के लिये आवश्यक प्रोसेस करने के बाद पैसे नहीं निकलते। चर्चा के दौरान एटीएम बूथों में मौजूद कुछ लोगों का कहना था कि यह समस्या करीब एक सप्ताह से बनी हुई है। शहर में लगे प्राइवेट बैंकों के एटीएम से राशि निकल रही है जबकि एसबीआई के करीब दो दर्जन एटीएम बूथ बंद पड़े हुये हैं। अब तो स्थिति यह है कि एसबीआई द्वारा अपने मुख्य बैंक के एटीएम बूथ के बाहर कैश नहीं है का कागज भी चस्पा कर दिया गया है।
दरअसल शहर में करीब दर्जन भर शासकीय बैंक संचालित हो रहे हैं। अधिकांश बैंकों द्वारा शहर के अलग-अलग स्थानो में एटीएम मशीन नहीं लगाई गई है। एसबीआई के बाद यूबीआई के एटीएम मशीन शहर के अनेक स्थानों में संचालित थी किन्तु देखरेख एवं अन्य कारणों से यूबीआई के एटीएमों की संख्या भी कम हो चुकी है। शहर के बाजार क्षेत्र में एसबीआई के एटीएम ही संचालित हैं। इन्हीं के माध्यम से अन्य बैंकों के ग्राहक भी पैसे निकालते थे। एक सप्ताह से एसबीआई के एटीएम मशीनों में कैश न होने के कारण समस्या गंभीर हो चुकी है। फिर भी बैंक के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को दूर करने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठा रहे हैं।
उनके द्वारा केवल सामान्य रूप से अपने प्रमुख कार्यालय को सूचित करने के बाद ग्राहकों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। जिसके चलते ग्राहकों के समक्ष कैश की किल्लत खड़ी हो चुकी है। अधिकांश ग्राहक अब कैश निकालने के लिए एटीएम का ही सहारा लेने के आदी हो चुके हैं। बैंकों में इतनी भीड़ होती है कि लोगों को कैश निकालने के लिये घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। फिर भी जिन लोगो को कैश की ज्यादा जरूरत है अब बैंकों की लंबी-लंबी कतारों में खड़े होने के लिये मजबूर हो चुके हैं। एसबीआई के कियोस्क सेंटरों का हाल यह है कि आधार आधारित कैश निकालने के लिये प्रोसेस तो करते हैं लेकिन एक दिन में केवल 10 हजार नकदी ही उनके माध्यम से मिल पाती है, इससे ज्यादा की राशि निकालने पर प्रति हजार 10 रूपये का शुल्क वसूली की मनमानी में भी लगे हुये हैं। इस दिशा में भी जिम्मेदार लापरवाह हैं।
शादी-ब्याह के सीजन में बढ़ी मुसीबतें
वर्तमान में शादी-ब्याह की तैयारी में लगे लोगों के समक्ष एटीएम से नोट न निकलने के कारण मुसीबतें बढ़ गई हैं। शादी-ब्याह के कार्यक्रमों की तैयारी में लगे लोग इस उम्मीद में जिला मुख्यालय आते हैं कि आवश्यक रूपये एटीएम से निकाल लेंगे। यहां लगे एसबीआई के एटीएम में जाने पर मालूम पड़ता है कि वह नोटो से खाली हैं। शहर के कई एटीएमों का चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें रूपये निकालने में सफलता नहीं मिलती। जिसके बाद वह मायूस होकर बिना खरीदी के ही घर लौटने के लिये मजबूर हो रहे हैं।
इनका कहना है
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पिछले एक सप्ताह से जबलपुर रीजन में कम मात्रा में पैसे भेजने के कारण एटीएम में पैसों की कमी है जो जल्द ही दूर होगी। जहां तक बात भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा सीधी के सामने एटीएम मशीन में पैसे उपलब्ध नही होने की है तो उक्त एटीएम के तकनीकी खराबी की जानकारी एटीएम इंचार्ज एसबीआई रीवा को दी गई थी। एटीएम के आउटसोर्स कम्पनी को सूचना दी गई है। कम्पनी द्वारा एटीएम मशीन का सुधार किया जाना है।
प्रतिमान मिश्रा, मुख्य प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक सीधी
