अब मक्सी रोड फोरलेन बढ़ायेगा शहर की रौनक, बढ़ेगा व्यापार

 

उज्जैन। तेजी से विकास की और अग्रसर हो रहे धार्मिक नगर उज्जैन में टू -लेन -फोरलेन से लेकर सडक़ों का जाल बिछाया जा रहा है। अब मक्सी रोड को भी फोरलेन बनाये जाने की कवायद शुरू हो गई है।

उज्जैन मक्सी रोड फोरलेन बनने से यहां की आबोहवा बदल जाएगी। पूरा क्षेत्र अभी शहरी विकास से मानो कटा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र में फोर लाइन निकलने से यहां जमीन के दाम भी बढ़ जाएंगे। पंवासा, शंकरपुर, श्री सिन्थेटिक्स, हरसोदन से लेकर गोपाल पूरा तक विकास की सौगात मिलेगी। दरअसल सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर इंदौर-उज्जैन फोरलेन को सिक्स लेन बनाया जा रहा है। वहीं आगर रोड, बडऩगर रोड भी व बाईपास को भी फोरलेन बनाया जा रहा है। देवास रोड फोरलेन बन चुका है। ऐसे में सिर्फ यही मार्ग बचा था। जिसे मक्सी रोड के नाम से जाना जाता है इसे भी फोर लाइन में तब्दील किया जा रहा है। उज्जैन-गरोठ, बडऩगर-बदनावर रोड का निर्माण प्रगति पर है। इंदौर रोड़ को सिक्सलेन में बदलने का काम भी धरातल पर शुरू हो चुका है। 44 किलोमीटर लंबा उन्हेल-नागदा-जावरा रोड, 65 किलोमीटर लंबा नया इंदौर रोड फोरलेन (चिंतामन गणेश मंदिर से इंदौर एयरपोर्ट तक) सडक़ मार्ग बनाना प्रस्तावित है। कुल मिलाकर सिंहस्थ- 2028 की कार्य योजना अब धरातल पर उतर रही है। चारों तरफ सडक़ो का जाल बिछाया जा रहा है।

 

आंतरिक सडक़ों का भी चौड़ीकरण

जिस प्रकार केडी गेट से इमली तिराहे तक का सडक़ चौड़ीकरण पूर्ण हो चुका है। ऐसे में यहां रहवासियों ने पहले विरोध जताया ,बाद में अब विकास यहां दिखने लगा है। साथ ही अब गाड़ी अड्डे से लेकर खजूरी मस्जिद और बड़े पुल तक का चौड़ीकरण भी शुरू हो गया है। इधर गधा पुलिया इंदौर गेट रविशंकर नगर में भी नोटिस बांट दिए गए हैं और आन्तरिक सडक़ों को चौड़ा करने की तैयारी की गई है। दो तालाब सुभाष नगर से लेकर हरि फाटक तक भी मकान हटाए जा रहे हैं। इधर भी सडक़ों का चौड़ीकरण किया जा रहा है।

 

273 करोड़ से फोरलेन

उज्जैन मक्सी रोड को फोरलेन में तब्दील करने की मांग वर्षों से चली आ रही थी। 38.95 किलोमीटर लंबे उज्जैन-मक्सी टू-लेन सडक़ मार्ग को 273 करोड़ रुपये से फोरलेन में तब्दिल किया जाएगा। मक्सी रोड फोरलेन निर्माण के लिए मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने ठेकेदार का चयन करने की तैयारी कर ली है।टेण्डर निकाल दिए है। सिंहस्थ 2028 के पहले यह फोर लेन भी कंप्लीट हो जाएगा। एमपी आरडीसी ने कहा है कि 4 फरवरी तक निर्माण के तहत निविदा जमा करना जरूरी है। निर्माण दो वर्ष में पूर्ण हो जाएगा।

 

एक दर्जन ब्रिज बनेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना के अनुसार सिंहस्थ इस बार भव्य होगा और यहां 15 करोड़ साधु संतों और आगन्तुकों के लिए सर्व सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 12 से 14 नए पुल बनाने की भी तैयारी की जा रही है। फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का भूमिपूजन कर दिया गया है और लालपुल के समीप शिप्रा नदी पर पुल बनाना भी प्रस्तावित है। जयसिंह पुरा में रेलवे से अंडरपास बनाना प्रस्तावित है। यह सब भीड़ के दबाव को कम करने के लिये किया जा रहा है। जिससे जाम से तो मुक्ति मिलेगी ही साथ व्यापार व्यवसाय में भी सुविधा होगी।

Next Post

राहुल का युवाओं से संविधान सुरक्षा सम्मेलन से जुड़ने का आह्वान

Thu Jan 16 , 2025
नयी दिल्ली, 16 जनवरी (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार युवाओं के साथ अत्याचार कर संविधान पर हमला कर रही है इसलिए देश के युवाओं को 18 जनवरी को पटना में होने वाले संविधान सुरक्षा सम्मेलन से […]

You May Like