
सियोल, 15 जनवरी (वार्ता) दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल को अल्पकालिक मार्शल लॉ लागू करने से संबंधित पूछताछ के लिए बुधवार को राष्ट्रपति आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। दक्षिण कोरिया में पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई है।
देश की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने यह जानकारी दी। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, श्री यून बुधवार सुबह जांचकर्ताओं के साथ अपने आवासीय परिसर से मोटरसाइकिल में निकले और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
श्री यून को आपातकाल की अल्पकालिक घोषणा से संबंधित कई जांचों में पूछताछ के लिए वांछित किया गया है, जिसमें विद्रोह का नेतृत्व करने का आरोप भी शामिल है। इस अपराध में उन्हें आजीवन कारावास या यहां तक कि मौत की सजा भी हो सकती है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा टीम से घिरे हुए कई हफ्तों से अपने किलेनुमा आवास में छिपे हुए थे, क्योंकि उन्हें कई जांचों और महाभियोग मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार जांच कार्यालय (सीआईओ) ने पहली बार इस महीने की शुरुआत में उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया था, लेकिन घंटों तक चली झड़प के बाद यह प्रयास विफल हो गया, जिसमें सैनिकों और राष्ट्रपति सुरक्षा विस्तार के सदस्यों ने अवरोध पैदा कर दिया।
अपनी गिरफ्तारी के बाद श्री यून ने बुधवार को एक पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश जारी किया जिसमें उन्होंने फिर से अपने खिलाफ जांच को ‘अवैध’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इस देश में कानून ध्वस्त हो गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, वारंट जांचकर्ताओं को श्री यून को 48 घंटे तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है। सीआईओ को उसे आगे हिरासत में लेने के लिए उस अवधि के भीतर गिरफ्तारी वारंट के लिए आवेदन करना होगा।
कुछ प्रदर्शनकारियों को ‘इस्तीफा दो’, ‘आपका समय समाप्त हो गया है’ और ‘जिम्मेदारी लो’ के नारे लगाते हुए सुना गया है, जबकि राष्ट्रपति के समर्थक ‘अमान्य महाभियोग’, ‘मुक्त कोरिया गणराज्य, हुर्रे!’ और ‘हम जीत गए!’ के नारे लगा रहे थे।
सीआईओ के अनुसार, श्री यून ने हाल के हफ्तों में जांचकर्ताओं द्वारा उनसे सहयोग की मांग के लिए भेजे गये तीन समन का जवाब देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद एक अदालत ने इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के वारंट को मंजूरी दे दी।
