जनता चाहती है शासन-प्रशासन चरणबद्ध योजना बनाए
इंदौर: नंबर वन शहर के होते ही अपनी छवि को बरकार रखने के लिए हर विभाग अपने इस्तर पर काम कर रहा है. वही अपराधा के मामलों में भी कमी देखने को मिल रही है जो शहर वासियों के लिए अच्छी ख़बर है लेकिन इस वर्तमान में युवा पीढ़ी की चिंता भी आम लोगों को सता रही है.एक समय था जब जिस तरह शहर में जनसंख्या में बढ़ोतरी होती जा रही थी उसी तरह अपराधिक मामलों में भी बढ़ रहे थे. पुलिस प्रशासन की सख्ती और मेहनत से वर्तमान में अपराध के आकड़ों में गिरावट आई है. एक सर्वें के अनुसार देखा जाए तो वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में अलग-अलग अपराधों में कमी आई है.
इसमें चेन स्नेचिंग, गृहभेदन, साधारण अपराध, वाहन चोरी, लूट एवं डकैती के प्रयास, बलवा, सांप्रदायिक भंग, बलात्कार, पशु चोरी एवं अन्य अपराधों के मामलों में भी कमी देखी गई है जो कि अनुमानित पच्चीस प्रतिशत है. हालांकि कुछ ज़्यादा फर्क नहीं हुआ है. वही हत्या, हत्या के प्रयास एवं अपहरण जैसे प्रकरणों में कटौती नहीं बढ़ोतरी हुई है. इन अपराधों में अधिकांश नशा और अवारागर्दी जैसे कारण देखने को मिला है जो वास्तव में बड़ी चिंता का विषय है. अब गंभीरता से अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को वर्ष 2025 में योजनाबद्ध तरीके आज़माने होगें जिसमें सबसे पहले नशे पर रोक लगानी होगी जो आज भी शहर के कोने-कोने में अपने पैर पसारे हुए है. ऑनलाइन ठगी एवं भू माफिया पर लगाम कसनी होगी.
इनका कहना है
शहर को नंबर वन बनाने के लिए जिस तरह शहर की जनता ने मिल कर साथ दिया. उसी तरह अपराधों को रोकने के लिए हर नागरिक को एक-दूसरे से जुड़कर आगे आना होगा.
– इरफान खान
विकृत मानसिकता ही अपराध की तरफ ले जाती है जिस पर कई समाजिक संस्थाओं को आगे आना चाहिए. इसमें शासन और प्रशासन तथा संस्थाओं को जोड़ना होगा. इससे युवाओं को उज्जवल भविष्य बनेगा.
– परीक्षित श्रीवास्तव
यह खुशी की बात है कि अपरधों में कुछ तो कमी आई है. नशा खोरी भू-माफिया, डिजिटल अरेस्ट, ऑन लाईन ठगी जैसे अपराधों पर अब पुलिस प्रशासन कार्य करे जो समाज के लिए ज़रूरी है.
– मनोज गुप्ता
