नयी दिल्ली, 13 जनवरी (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से प्रदेश सरकार को फटकार लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री आतिशी को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
दिल्ली बीजेपी के वीरेन्द्र सचदेवा ने सोमवार को कहा कि कैग की रिपोर्ट मामले को न्यायालय की आज की टिपण्णी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के संरक्षण में चल रही आतिशी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नही बचा है।
उन्होंने कहा, “2023 से श्री केजरीवाल और श्रीमती आतिशी शीशमहल निर्माण सहित विभिन्न मामलों को लेकर कैग की 12 से अधिक रिपोर्टों को दबाये बैठी हैं।”
उन्होंने कि भाजपा के विधायकों ने बार- बार यह रिपोर्ट विधानसभा में रखने का अनुरोध किया है, लेकिन अपने काले कारनामों की पोल खुलने के डर से भयभीत श्री केजरीवाल और श्रमती आतिशी टस से मस नहीं हुईं।
उन्होंने कहा कि अंततः भाजपा नेता विजेन्द्र गुप्ता ने पार्टी के विधायकों के साथ कैग की रिपोर्ट सदन में रखने की मांग को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में अर्जी लगाई, लेकिन न्यायालय के निर्देश के बावजूद श्री केजरीवाल ने कैग की रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के लिए विधानसभा का सत्र नहीं बुलाने दिया।
उन्होंने कहा इसके बाद भाजपा विधायकों ने पुनः न्यायालय में याचिका लगायी और अवमानना की बात रखी और आज भाजपा के वकीलों की बहस के बाद न्यायालय ने सरकार के विरूद्ध सख्त टिपण्णी करते हुए प्रदेश सरकार के वकीलों से जवाब देने के लिए कहा, लेकिन वे टालमटोल करते रहे और 16 जनवरी की तारीख ले गये।
श्री सचदेवा ने कहा, “न्यायालय की अंग्रेजी की गयी टिपण्णी “वाई आर यू ड्रेगिंग योर फीट फ्रॉम डिस्कशन” बेहद गम्भीर है और इसके बाद आप सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नही बचा है।
उन्होंने कहा कि 08 फरवरी को भाजपा सत्ता में आयेगी और नयी विधानसभा की पहली बैठक में कैग की लंबित सभी रिपोर्टों को विधानसभा में रख कर उन पर चर्चा करवायेगी।
