भोपाल, 11 जनवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के इंदौर में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पार्षद कमलेश कालरा के निवास पर पिछले सप्ताह भीड़ के हमले और उनके परिजनों के साथ अभद्रता और अमानवीय व्यवहार की घटना के चलते प्रदेश संगठन ने एक अन्य पार्षद जितेंद्र कुमार (जीतू यादव) को आज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने इंदौर के वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद जितेंद्र कुमार (जीतू यादव) के खिलाफ यह कार्रवाई की है। इस संबंध में प्रदेश संगठन की ओर से इंदौर भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव रणदिवे को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि पार्षद जितेंद्र कुमार द्वारा पार्टी के ही पार्षद से विवाद और उसके उपरांत घटित अशोभनीय कृत्य से पार्टी की छवि धूमिल हुयी है। यह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। इसलिए जितेंद्र कुमार काे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है।
पिछले सप्ताह पार्षद कमलेश कालरा के निवास पर दर्जनों लोगों ने हमला कर दिया था। इन लोगों ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इस हमले के पीछे के कथित आरोपी पार्षद के कृत्य की मीडिया समेत सभी दूर काफी आलोचना हो रही है और इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी दो दिन पहले इंदौर पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बीच पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य लोगों से पूछताछ करके कम से कम नौ आरोपियों को चिंहित किया है। इनमें से कम से कम छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। हमले के समय घटना में नाबालिग से दुर्व्यवहार भी किया गया था, इसलिए पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गयी है।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा की भी किरकिरी हुयी और कथित तौर पर केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस संबंध में विस्तार से जानकारी ली है। बताया गया है कि भाजपा से ही आने वाले दोनों पार्षदों के बीच विवाद थे। इसी के चलते एक पार्षद ने दूसरे पार्षद के घर पर हमला कराया। शुरूआत में इस मामले में कार्रवाई नहीं हुयी थी, लेेकिन पीड़ित पार्षद के पक्ष में एक समाज विशेष के आंदोलन तथा घटना संबंधी वीडियो वायरल होने के बाद संगठन और पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ।

