मुंबई, 15 मार्च (वार्ता) पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा की शादी के दो साल पूरे हो गये हैं। बॉलीवुड में कई प्रेम कहानियाँ अचानक शुरू होती हैं और उतनी ही जल्दी सुर्खियों में भी आ जाती हैं, लेकिन पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा की कहानी कुछ अलग है। यह एक ऐसी कहानी है, जो धीरे-धीरे दोस्ती से शुरू होकर गहरे प्यार तक पहुँची। यही वजह है कि उनकी लव स्टोरी दर्शकों को न सिर्फ सच्ची, बल्कि अपनी सी लगती है। पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा की मुलाकात हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए हुई, लेकिन उनके रिश्ते की असली शुरुआत 2017 में फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ की शूटिंग के दौरान हुई। उस समय दोनों अपने-अपने करियर के दिलचस्प दौर से गुजर रहे थे। जहां पुलकित पहले से ही ‘फुकरे’ और उसके सीक्वल से अपनी पहचान बना चुके थे, वहीं कृति अपनी फिल्म ‘राज़ रिबूट’ के बाद बॉलीवुड में धीरे-धीरे अपनी जगह मजबूत कर रही थीं। शूटिंग के दौरान साथ बिताए लंबे घंटे, आउटडोर लोकेशनों की जर्नी और फिल्ममेकिंग के उतार-चढ़ाव ने दोनों को एक-दूसरे को करीब से समझने का मौका दिया।
शुरुआत में जो रिश्ता सिर्फ प्रोफेशनल था, वह जल्द ही दोस्ती में बदल गई।दोनों ने बाद में ‘पागलपंती’ और ‘तैश’ जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया। ऐसे में इन फिल्मों के दौरान उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के साथ-साथ ऑफ-स्क्रीन बॉन्डिंग भी लोगों को साफ नजर आने लगी। इसके अलावा जहाँ कई सेलिब्रिटी कपल्स अपने रिश्तों को लंबे समय तक रहस्य बनाए रखते हैं, वहीं पुलकित और कृति ने अपने रिश्ते को खुलकर स्वीकार किया। सोशल मीडिया पोस्ट्स, इंटरव्यू और पब्लिक अपीयरेंस में दोनों के बीच की सहजता और दोस्ती साफ दिखाई देती थी।उनके रिश्ते की सबसे खास बात यह है कि यह धीरे-धीरे और स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ा। एक ऐसे इंडस्ट्री में जहाँ रिश्ते अक्सर जल्दबाजी या दिखावे से जुड़े लगते हैं, वहाँ पुलकित और कृति की कहानी कहीं अधिक ऑर्गेनिक और सच्ची लगती है। दोनों एक-दूसरे की सफलताओं का जश्न मनाते हैं और मुश्किल समय में भी साथ खड़े दिखाई देते हैं। उनका रिश्ता यह भी दिखाता है कि आज के दौर में बॉलीवुड कलाकार अपने निजी जीवन के बारे में ज्यादा खुले हैं, लेकिन साथ ही वे रिश्तों में दोस्ती, समझ और भावनात्मक जुड़ाव को ज्यादा महत्व देते हैं।
आखिरकार पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा की कहानी किसी “पहली नजर के प्यार” की नाटकीय कहानी नहीं है। यह समय, दोस्ती और आपसी सम्मान से बना रिश्ता है। उनकी यात्रा यह दिखाती है कि कभी-कभी सबसे मजबूत रिश्ते वही होते हैं जो धीरे-धीरे बनते हैं, दो लोग साथ काम करते हुए यह महसूस करते हैं कि उनका रिश्ता सिर्फ स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं है। यही वजह है कि उनकी कहानी लोगों को इतनी पसंद आती है। यह याद दिलाती है कि फिल्मों और चमक-दमक की दुनिया में भी सबसे खूबसूरत रिश्ते अक्सर एक सरल शुरुआत से ही जन्म लेते हैं, जैसे दोस्ती, समझ और साथ मिलकर आगे बढ़ने की इच्छा से।

