युवक की संदिग्ध मौत पर सरई थाना में हंगामा

सरई थाना शव लेकर पहुंचे परिजन, परिजनों का आरोप पुलिस ने मिटाएं साक्ष्य, शव को अस्पताल की जगह भेजा घर

सिंगरौली:सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत नौढ़िया गांव में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के चलते बीती रात एक व्यक्ति की जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने सुबह शव को लेकर थाने में पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने साक्ष्य मिटाने का काम किया है। पुलिस रेत के अवैध उत्खनन का मामला दबाने की इरादे से घटना को कोई और एंगल दे रही है। सुबह से पूरा थाना पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था।गौरतलब है कि मामला सरई थाना क्षेत्र के नौढ़िया गांव का है। जहां बीती रात रामकमल पाण्डेय पिता रामप्रभाव पाण्डेय उम्र 40 वर्ष की रात 2 बजे संदिग्ध हालत में मौत हो गई।

जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं इस मामले में देवसर एसडीओपी राहुल सैयाम ने बताया कि एक युवक की मौत की जानकारी सामने आई है। मैं सरई पहुंच गया हूं और पूरे मामले को देख रहा हूं। प्राथमिक रूप से अभी ऐसा लग रहा है कि जैसे युवक के एक पैर में करंट का झटका लगा है और संभवत इस वजह से उसकी मौत हुई होगी। जबकि देवसर एसडीओपी से जब इस मामले में सवाल किया गया कि आखिर 2 बजे रात को मृतक घटनास्थल पर कैसे गया और क्यों गया तो इसका जवाब उनके पास भी नही था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। इसके अलावा उनसे यह भी सवाल हुआ कि क्या यह मामला रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़ा हुआ है। तो उन्होंने इस पर भी कहा कि यह एंगल सामने आया है।

लेकिन अभी यह भी जांच के दायरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है की सरई थाना पुलिस के संरक्षण में इलाके में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन लगातार जारी है। शिकायत के बाद भी पुलिस अवैध कारोबारी पर कोई कार्यवाही नहीं करती। नाम न छापने की शर्त पर पुलिस विभाग के एक कर्मचारी ने बताया की नौढ़िया गांव और उसके आसपास से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन होता है। जिसमें थाना प्रभारी से लेकर कई पुलिसकर्मी संलिप्त हैं। रेत का अवैध खनन को छुपाने के लिए इस घटना को दूसरा एंगल दिया जा रहा है। इधर सरई इलाके में गन्नई का मामला अभी ठण्डा नही पड़ा था कि अभी एक और मामला सामने आ गया।
इस घटनाक्रम पर खड़े हो रहे कई सवाल
रामकमल पाण्डेय जिनकी बीती रात तकरीबन 2 बजे नौढ़िया गांव में एक रेत खदान से सटे हुए खेत के पास शव मिला है। पुलिस ने आनन-फानन में बिना परिजनों को सूचना दिए ही मृतक के ही ट्रैक्टर में डेड बॉडी रखवाकर उनके घर भेज दी। इससे कई सवाल खड़े होने लगे हैं। सवाल यह है कि जब यह संदिग्ध मौत थी तो शव को हॉस्पिटल भिजवाने के बजाय घर क्यों भेजा। शव को उठाने से पहले परिजनों को क्यों नहीं बुलाया गया। जिस ड्राइवर से शव को घर भेजवाया गया। अब उससे पुलिस क्या इंटेरोगेट कर रही है। पुलिस शव को घर भिजवाने में जल्दबाजी क्यों कि। यह सवाल खड़े हो रहे हैं।
जंगली जानवरो को मारने बिजली का बिछा था तार
जानकारी के मुताबिक नौढ़िया में जिस स्थान पर रामकमल पाण्डेय वहां बिजली का तार बिछा हुआ था। सूत्र बता रहे हैं कि जंगली जनवर सूअर को मारने के लिए शिकारियों ने बिजली का जाल जीमन पर फैलाएं हुये थे। जिसके चपेट में रामकमल आ गये। वही सूत्र बता रहे हंैं कि यहां पर रेत का कारोबार भी जोर-शोर से है और अब मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिस कहानी गढ़ कर मामले को घुमाने में लगी हुई है। चर्चाएं यहां तक है कि जब रामकमल के परिजनो ने हंगामा शुरू किया तब पुलिस सक्रिय हुई और करीब तीन संदेहियो को हिरासत ेंमें लेकर पूछतांछ कर रही है। लेकिन पुलिस की कहानी इन दिनों चर्चाओं में आ गई है।
परिजनों ने थाना प्रभारी पर लगाए संगीन आरोप
परिजनों ने थाना प्रभारी सरई शेषमणि पटेल पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घटना की कोई भी जानकारी दिए बिना सीधे शव को घर भेज दिया था। आज इसको लेकर सुबह से थाने में हंगामा चल रहा है। परिजन शव लेकर थाने के सामने पहुंच गए और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और परिजनों ने सीधा आरोप सरई थानेदार शेषमणि पटेल के ऊपर लगाया है कि उन्होंने घटना स्थल से साक्ष्य मिटाने का काम किया हैं। इसका अब वीडियो भी सामने आया है। इस मामले पर जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। देवसर एसडीओपी को जांच के लिए भेजा गया है। जैसे भी तथ्य आएंगे उसके हिसाब से कार्यवाही की जाएगी।

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