फूल पत्ती और पंडितों की मिली भगत से श्रद्धालुओं की भावनाएं हो रही आहत
इधर ऑफलाइन भस्म आरती को लेकर आज से नई व्यवस्था प्रारंभ
देर रात तक लाइन में लगने से श्रद्धालुओं को मिली निजात
उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर के मंदिर में जल चढ़ाने से लेकर भस्म आरती व भगवान के शीघ्र दर्शन तक के नाम पर रुपए लिए जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और गोरख धंधा सामने आया है जिसमें मंदिर के बाहर फूल पत्ती बेचने वालों की पंडितों से मिलीभगत उजागर हुई है.नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालु मंदिर के बाहर लगने वाली दुकानों से फूल प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचते हैं. ऐसे में फूल पत्ती तो निर्माल्य के माध्यम से रिसायकल होने के लिए फैक्ट्री चला जाता है, जहां अगरबत्ती धूपबत्ती बनती है, वहीं चिरौंजी और मूंगफली दाने से लेकर रेवड़ी प्रसाद वापस दुकानदार के पास पहुंच जाता है!
म्टिलों में इकट्ठा होता है प्रसाद
भगवान महाकाल मंदिर में चढ़ा हुआ प्रसाद बार-बार भगवान को चढ़ाया जा रहा है. पन्नियों में बंद प्रसाद पहले मंदिर में आता है, पंडितजन इस प्रसाद में से कुछ प्रसाद बांटने के लिए रख लेते हैं और कुछ प्रसाद वापस श्रद्धालुओं को दे देते हैं बचा हुआ प्रसाद कई मि्ंटल में इकट्ठा हो जाता है.
आज से भस्मआरती बुकिंग की नई व्यवस्था
ऑफलाइन भस्मारती को लेकर महाकाल मंदिर प्रशासक अनुकूल जैन द्वारा नया निर्णय लिया गया है. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के निर्देश पर जैन द्वारा अब नई व्यवस्था की है, जिसमे उज्जैन महाकाल मंदिर में ऑफलाइन का कोटा लगभग 300 का है, जिसके लिए देर रात तक श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ता था, अब 9 जनवरी से नई व्यवस्था के तहत ऑफलाइन भस्मारती बुकिंग फार्म 7 बजे से लाइन में लगने वाले श्रद्धालुओं को मिलने लगेंगे.
एक घंटे में मिलेंगे फार्म
लाइन में लगने वाले श्रद्धालुओं को 1 घण्टे में ही रात 8 से 9 बजे तक भस्मारती फार्म उपलब्ध हो जाएंगे और रात 10 बजे तक फोटो खींच जाएंगे. रिस्ट बेंड बांधकर उन्हें भस्म आरती के लिए रात को दर्शन के लिए भेज दिया जाएगा. अब सिर्फ भस्म आरती फॉर्म के लिए उन्हें देर रात तक खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होंगी.
ताकि पारदर्शिता बनी रहेः जैन
महाकाल भगवान दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑफलाइन भस्मारती की नई व्यवस्था की है, ताकि पारदर्शिता भी बनी रहे. शाम 7 से 8 बजे तक श्रद्धालुओं द्वारा लाइन लगाई जाएगी और 8 से रात 9 बजे के बीच भस्म आरती बुकिंग के फार्म उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
– अनुकूल जैन, प्रशासक ,महाकाल मंदिर उज्जैन
