शासन, ट्रस्ट और आईडीए की अपील खारिज
इंदौर: एयरपोर्ट के आगे गोमटगिरी ट्रस्ट की जमीन की मालिक गांधीनगर सोसायटी हो गई है. मध्यप्रदेश शासन, आईडीए और ट्रस्ट की हाई कोर्ट ने अपील खारिज कर दी है.
हाईकोर्ट के न्यायाधीश विनोद कुमार द्विवेदी ने आज एक महत्वपूर्ण मामले में मध्यप्रदेश शासन की अपील खारिज कर दी. साथ ही जमीन के मालिकाना हक के लिए जैन समाज के गोमट गिरी ट्रस्ट, आईडीए की अपील को भी खारिज कर दिया. अपील खारिज होने के बाद जमीन की असली मालिक दस्तावेज के आधार पर गांधी नगर सोसायटी को माना है. हाईकोर्ट में लंबे समय से एयरपोर्ट के आगे जैन समाज का गोमटगिरी पहाड़ी पर मंदिर है.
उक्त पहाड़ी की जमीन को मध्यप्रदेश सरकार ने शासन की जमीन होने का दावा किया था. वहीं आईडीए ने अपनी योजना में होना बताया था. ट्रस्ट ने अपनी जमीन को लेकर दावा लगाया था. उक्त मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश जोशी ने बताया कि जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी ने शासन, आईडीए और गोमटगिरी ट्रस्ट की दूसरी अपील भी खारिज कर दी. इसका आधार यह है कि शासन जमीन के दस्तावेज ही कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर सका. वही गांधी नगर सोसायटी ने सरकार द्वारा उपनगर के लिए आवंटित 441. 61 एकड़ जमीन के दस्तावेज तत्कालीन सरकार द्वारा दिए जाने के प्रस्तुत किए है. एडवोकेट जोशी ने बताया कि दस्तावेज के आधार पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जमीन पर शासन का दावा खारिज कर दिया. असल मालिक गांधी नगर सोसायटी को माना.
अर्जुनसिंह ने दी थी जैन समाज को जमीन
तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह ने 1984-85 में जैन समाज को 1.75 एकड़ भूमि गोमटगिरी पर्वत की जैन मंदिर के लिए अलाट की थी. मगर आज पूरी पहाड़ी जैन समाज अपनी होने का दावा करता है.
गांधीनगर और राजेंद्र नगर उपनगर मंडल की स्थापना हुई थी
इंदौर के आसपास छोटे उपनगर बसाने के लिए तत्कालीन राज्य शासन ने जमीन आवंटित की थी. उस समय होलकर ट्रस्ट ने गांधी नगर सोसायटी को 25/ 4/ 1949 को 441.61 जमीन दी थी. ग्रामीण क्षेत्र के पास उपनगर बसाकर एक अलग व्यवस्था की गई थी. यह बात अलग है कि आज उक्त सोसायटी में जमकर भ्रष्टाचार और जमीन पर प्लॉटों का बड़ा खेल चल रहा है.
