विजन डॉक्यूमेंट 2047 को लेकर बैठक
प्रबुद्धजनों ने भी दिए अपने सुझाव
इंदौर: इंदौर के विजन डॉक्यूमेंट 2047 को लेकर आज सुझाव देने के लिए बैठक बुलाई गई थी. बैठक में महापौर ने प्रस्ताव रखा की शहर को भविष्य के हिसाब से क्या जरूरत है और होगी? उसके लेकर सुझाव आमंत्रित हैं.निगम द्वारा रविन्द्र नाट्य गृह में आयोजित बैठक की शुरुआत करते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हम 2047 के हिसाब से शहर के विकास की रूपरेखा तैयार करना चाहते है. अभी शहर में भविष्य में यातायात के 23 फ्लाई ओवर का निर्माण हो रहा है. वही 25 से ज्यादा सड़कों का काम शुरू करने वाले है. साथ ही नर्मदा का चौथा चरण लाना प्राथमिक कार्यों में शामिल है. नया ड्रेनेज सिस्टम एसटीपी प्लांट विकसित कर रहे हैं.
हब के रूप में विकसित हो
महापौर ने सुझाव दिया कि 2047 के हिसाब से इंदौर शिक्षा, मेडिकल और आईटी हब के रूप में विकसित हो. इससे टेक्सटाइल्स और नमकीन सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा.
नागपुर की तर्ज पर मल्टी लेयर ब्रिज बनें
बैठक में बमुश्किल सौ लोग पहुंचे. उसमें भी विभिन्न विभागों के 30 से ज्यादा अधिकारी मौजूद थे. बैठक में श्रीकांत कुटुंबले ने विजन 2047 को लेकर आयोजनकर्ता से पूछ लिया कि यह मध्यप्रदेश 2047 की बैठक है या इंदौर की. फिर उन्होंने एबी रोड पर ब्रिज बनाने के प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए और कहा कि ब्रिज के पास जगह बहुत कम रह जाएगी. इसकी बजाय नागपुर की तर्ज पर मल्टी लेयर ब्रिज का निर्माण हो. इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी.
प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बाहर शिफ्ट करें
गौतम कोठरी ने कहा कि शहर में कई इंडस्ट्री प्रदूषण फैला रही है. सरकार उनको बाहर शिफ्ट कर फ्री होल्ड और कम दाम पर जमीन उपलब्ध करवाए.
खेल मैदान की जगह होनी चाहिए
वार्ड 37 के पार्षद पति महेश जोशी ने कहा कि नए प्लान में खेल मैदान की जगह होना चाहिए, जिससे हम राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी तैयार कर सके.
विश्व वैदिक विश्वविद्यालय बनाएं
दिनेश शुक्ला ने नालंदा विश्वविद्यालय की तर्ज पर विश्व वैदिक विश्वविद्यालय बनाने का सुझाव दिया. वही विष्णु चिंचालकर ने हाट बाजार के लिए जगह रखने और फुटपाथ चौड़े करने की बात कही.
कॉलोनी को वैध करने के नियम पारदर्शी बने
मालवा चेंबर ऑफ कॉमर्स के अशोक बड़जात्या ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस की पॉलिसी बनाए. अभी नक्शे पास करने की प्रणाली पारदर्शी नहीं है. वहीं अवैध कॉलोनियों को वैध करने के नियम भी सरल और पारदर्शी करें. इसके बाद कलेक्टर अशीष सिंह बैठक से महापौर को बोलकर निकल गए. कलेक्टर के जाते ही बैठक में अलग स्थिति निर्मित हो गई और सुझाव की जगह एक दूसरे पर छींटाकशी शुरू हो गई. कई लोग हॉल से बाहर निकल गए.
यह थे उपस्थित
बैठक में आयुक्त शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के राजेश राठौर, आईडीए के अनिल जोशी, कपिल भल्ला, टीएनसीपी से शुभाशीष बैनर्जी, गवली, एमपीईबी से मनोज शर्मा, ध्रूवनारायण शर्मा, शिवाजी मोहिते, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार वर्मा, अजीत सिंह नारंग, रामेश्वर गुप्ता , गौतम कोठारी सहित महापौर परिषद सदस्य सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे
