
गैलेक्सी हॉस्पिटल में लूट खसोट की सीएम हेल्पलाइन मेें शिकायत
एक्शन: पीडि़त को सीएम ने दिलाया न्याय, वसूली फीस कराई वापिस, 82 हजार का जुर्माना
जबलपुर। निजी अस्पतालों में मरीजों से लूट खसोट का दौर जारी है। ताजा मामला गैलेक्सी हॉस्पिटल का प्रकाश मेंं आया हैं जहां आयुष्मान कार्ड धारी मरीज से 41 हजार रूपए वसूल लिए गये। जिसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन मेें शिकायत की गई। जिसके बाद तत्काल एक्शन लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंझौली के राहुल सिंह को न्याय दिलाया। गैलेक्सी हॉस्पिटल से आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज के नाम पर वसूली गई 41 हजार रूपये की राशि वापस कराई इसके साथ ही 82 हजार रूपये का अर्थदंड लगाने के साथ 5 हजार रूपये की अतिरिक्त राशि प्रदान करने के आदेश दिए।
किडनी स्टोन का कराया था ऑपरेशन-
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शिकायतकर्ता जबलपुर के मझौली निवासी राहुल सिंह ठाकुर की समस्या का समाधान किया। श्री ठाकुर ने गैलेक्सी अस्पताल में किडनी स्टोन का ऑपरेशन कराया था। उनके पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद, अस्पताल ने उनसे 41 हजार रूपये की राशि वसूल की थी। इस विषय में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी।
सीएमएचओ ने दिए जांच के निर्देश
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने शिकायत को संज्ञान में लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा को जांच करने के निर्देश दिये। प्रकरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिश्रा के हस्तक्षेप पर गैलेक्सी अस्पताल ने 41 हजार रूपये की वसूली गई राशि चेक के माध्यम से राहुल सिंह ठाकुर को वापस की।
अतिरिक्त राशि देने के आदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मामले में गैलेक्सी अस्पताल पर 82 हजार रूपये का अर्थदंड उनकी आयुष्मान योजना की क्लेम राशि से लगाने और 719 दिनों की देरी के लिए हितग्राही को 5 हजार रूपये की अतिरिक्त राशि प्रदान करने का आदेश दिया।
मरीजों से वसूली स्वीकार्य नहीं होगी: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पूर्णत: नि:शुल्क चिकित्सा सेवाएँ मिलें। किसी भी परिस्थिति में मरीज़ से अतिरिक्त राशि वसूलना स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह निर्णय शासन की मंशा को पुन: प्रमाणित करता है कि आयुष्मान भारतयोजना के माध्यम से सभी पात्र नागरिकों को समय पर और बिना किसी वित्तीय बोझ के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएं।
