ग्वालियर: ग्वालियर में साल की आखिरी जनसुनवाई में कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर वहां मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए। एक व्यक्ति कंधे पर पीले रंग का बोरा लेकर पहुंच गया। जब इसकी वजह पूछी तो शख्स ने ऐसा जवाब दिया, जिसे सुनते ही सभी हक्का बक्का रह गए।दरअसल, ग्वालियर में कलेक्टर की जनसुनवाई में मोहना का रहने वाला जितेंद्र गोस्वामी पीले रंग का प्लास्टिक का बोरा लेकर पहुंचा। सुरक्षाकर्मियों की उस पर नजर पड़ते ही कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई। सुरक्षा कर्मचारियों ने उसका बोरा खोल कर देखा तो वो हैरान रह गए। बोरे में बड़ी संख्या में अलग-अलग शासकीय दफ्तरों में दिए आवेदन थे।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने यह सब देखा तो तत्काल युवक की परेशानी सुनी। जितेंद्र ने कलेक्टर को एक बार फिर नया आवेदन दिया और बताया कि वह मोहना का रहने वाला है। उसकी पत्नी थायराइड सहित अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित है। मजदूरी कर वह घर का गुजारा करता है। साल 2018 से लगातार खुद के आशियाने के लिए पीएम आवास योजना के लिए आवेदन दे रहा है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। जबकि वह नियमों के तहत पात्रता धारी है। उसके बावजूद वह लगातार शासकीय दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
कलेक्टर ने फौरन जुड़वाया योजना में नाम
युवक की परेशानी सुनते ही कलेक्टर रुचिका चौहान फौरन एक्शन मोड में आ गई। तत्काल अधीनस्थ कर्मचारियों से पूरी जानकारी लेकर उसका नाम योजना में जुड़वाया गया। जिसके बाद जितेंद्र के चेहरे पर साल के आखिरी दिन मुस्कान आ गई।
आवेदनकर्ता ने सीएम डॉ. मोहन को कहा ‘छोटे मामा’
जितेंद्र ने ग्वालियर कलेक्टर के साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को छोटे मामा कहते हुए धन्यवाद दिया है। युवक का कहना है कि उसे अब पूरी उम्मीद है कि नया साल उसके नए आशियाने के साथ होगा।
