फराह खान की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। पिता की मौत के बाद उनके पास सिर्फ 30 रुपये बचे थे। मेहनत के दम पर आज फराह आज करोड़ों की मालकिन और बॉलीवुड की टॉप डायरेक्टर हैं।
फराह खान ने अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है। एक सफल कोरियोग्राफर, निर्देशक और टेलीविजन जज के रूप में उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, उसके पीछे संघर्ष की एक लंबी और दर्दभरी कहानी छिपी है। फराह खान की जिंदगी इस बात की मिसाल है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर हौसला मजबूत हो तो किस्मत बदली जा सकती है।
फराह खान का जन्म 9 जनवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता कामरान खान अपने समय के जाने-माने स्टंटमैन और फिल्म डायरेक्टर थे। एक समय ऐसा भी था जब फराह का परिवार आर्थिक रूप से काफी संपन्न था और उनके घर बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों का आना-जाना लगा रहता था। लेकिन एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद उनके पिता की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। इसी सदमे में वे शराब की लत का शिकार हो गए और लीवर फेल होने से उनका निधन हो गया। फराह तब बहुत छोटी थीं और पिता की मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।
