अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की उपस्थिति में राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा का फहराया जाना एक साधारण धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है. यह घटना भारतीय सभ्यता के धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आत्मविश्वास का ऐसा क्षण है, जिसे आने वाली पीढिय़ां […]

भारतीय सिनेमा की लंबी परंपरा में अनेक सितारे आए, चमके और इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए. लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनकी चमक सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं रहती, वह करोड़ों दिलों में उतर जाती है. धर्मेंद्र उन्हीं दुर्लभ कलाकारों में से एक थे. उनका जाना केवल […]

जोहान्सबर्ग में संपन्न हुए जी – 20 शिखर सम्मेलन ने केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय नहीं की, बल्कि एक उभरती हुई सत्यता को भी रेखांकित किया है कि भारत अब वैश्विक बहसों का सहभागी मात्र नहीं, बल्कि एक निर्णायक नेतृत्वकर्ता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन इस बदलती वैश्विक […]

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का ताज़ा फैसला लोकतंत्र की मर्यादा और शासन व्यवस्था की साख को मजबूत करने वाला है. लंबे समय से कई राज्यों में निर्वाचित सरकारों और राजभवन के बीच टकराव की स्थिति बनी रही, जहां राज्यपालों द्वारा विधेयकों को महीनों तक लंबित रखा गया. अदालत ने […]

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज के साथ चलती बस में हुई छेड़छाड़ की घटना न सिर्फ एक आपराधिक वारदात है, बल्कि हमारी सार्वजनिक सुरक्षा और संस्थागत लापरवाही का काला परिचय भी है. एक ऐसी खिलाड़ी जो देश का नाम ऊंचे मंचों पर रोशन करती है, […]

बस्तर के जंगलों में बीते चौबीस घंटे केवल एक मुठभेड़ की खबर नहीं हैं. यह भारत की आंतरिक सुरक्षा इतिहास का एक निर्णायक मोड़ है. एक दशक से अधिक समय तक बस्तर को रक्तरंजित करने वाला, 1.8 करोड़ रुपये के इनाम का खूंखार माओवादी कमांडर मांडवी हिडिमा अंतत: ढेर कर […]

बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए मृत्युदंड सुनाया जाना पूरे दक्षिण एशिया में भूचाल लाने वाला फैसला है. यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया का अंत नहीं है, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत है,जिसमें […]

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने रिटायरमेंट से ठीक पहले एक ऐसी बात कह दी है, जिसने देशभर में आरक्षण को लेकर नई बहस छेड़ दी है. सवाल बड़ा है कि क्या अनुसूचित जातियों (एससी) में भी क्रीमी लेयर लागू होनी चाहिए ? आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में […]

पाकिस्तान की संसद द्वारा पारित 27 वें संवैधानिक संशोधन ने उसके सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को जिस तरह की असीमित शक्तियां प्रदान की हैं, वह केवल पड़ोसी देश की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया, विशेष रूप से भारत की सुरक्षा संरचना को सीधे प्रभावित […]

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का जनादेश बेहद स्पष्ट है,राज्य की जनता ने विकास, स्थिरता और भरोसेमंद नेतृत्व को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को एक बार फिर सशक्त जनादेश सौंपा है. शुरुआती रुझानों से ही यह संकेत मिलने लगे थे कि जनता बदलाव नहीं, बल्कि निरंतरता चाहती है. अब […]