मुंबई, 10 अगस्त (वार्ता) डिजिटल भुगतान सेवा क्षेत्र की फर्म कैशफ्री पेमेंट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( सीईओ ) एवं सह-संस्थापक आकाश सिन्हा ने डिजिटल लेन-देन प्रणाली को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए तकनीकी आधारित और नवप्रवर्तक उपाय अपनाए जाने पर बल दिया है।
श्री सिन्हा ने एक नोट में कहा है, “आज, व्यवसायों को फ्रॉड से संबंधित नुकसान से बचाने और ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने के लिए सुरक्षित भुगतान समाधान की ज़रूरत है। उन्नत समाधान भारत में ऑनलाइन लेन-देन के लिए सुरक्षा ढांचे को बदल रहे हैं और कारोबारियों को बेजोड़ सुरक्षा तथा मन की शांति प्रदान कर रहे हैं।”
कैशफ्री पेमेंट्स ने साइबर क्राइम से निपटने के लिए व्यवसायों को व्यापक जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करने के संबंध में शोध के ज़रिये ‘रिस्कशील्ड’ तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि उन्नत कृत्रिम आसूचना (एआई) और एमएल एल्गोरिदम के ज़रिये रिस्कशील्ड व्यवसायों को धोखाधड़ी वाली गतिविधियों को 40 प्रतिशत तक कम करने में मदद करता है।
श्री सिन्हा की राय में आज के डिजिटल परिदृश्य में, धोखाधड़ी वाले लेनदेन से सुरक्षा को प्राथमिकता देना, कंपनियों के लिए वित्तीय नुकसान से बचने और अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करने के लिए महत्वपूर्ण है। एआई और एमएल एल्गोरिदम का उपयोग करने वाले तकनीकी आधारित नवाचार का लाभ उठाने से धोखाधड़ी से काफी हद तक सुरक्षित बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान में वृद्धि के कारण ऑनलाइन धोखाधड़ी भी बढ़ा है और पिछले तीन साल में ही, ऑनलाइन घोटालों से 1.25 लाख करोड़ रुपये का सामूहिक नुकसान हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लोगों और फर्मों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए सुरक्षा पर केंद्रित विभिन्न समितियों का गठन किया है, और वित्तीय क्षेत्र इन खतरों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
श्री सिन्हा ने कहा, “यह समझना महत्वपूर्ण है कि जब ग्राहक अपने लेन-देन के बारे में सुरक्षित महसूस करते हैं, तो उनके बार-बार खरीदारी करने और दूसरों को उक्त व्यवसाय की सिफारिश करने की संभावना अधिक होती हैं, जिससे वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।”
उन्होंने विभिन्न रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की डिजिटल क्रांति के मद्देनज़र अगले कुछ वर्षों में दैनिक एक अरब यूपीआई लेन-देन होने की संभावना है। फिलहाल, दुनिया के कुल डिजिटल भुगतानों में से 46 प्रतिशत भुगतान भारत में होता है।